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Fatehabad News: पपीहा की कूक को लगी नजर
Sun, 01 Nov 2026 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Nov 2026 10:06 PM IST
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फतेहाबाद के मॉडल टाउन में पपीहा टूरिज्म कॉम्पलेक्स परिसर के हालात संवाद
फतेहाबाद। पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया गया पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स आज सरकारी अनदेखी और बदहाल व्यवस्था की तस्वीर बनकर रह गया है। जिस परिसर से कभी पर्यटन को बढ़ावा देने और सरकार को राजस्व मिलने की उम्मीद थी वहां पिछले छह साल से ताला लटका है।
हालात यह है कि पूरा परिसर उजाड़ होता जा रहा है। यहां केवल चौकीदार और सफाईकर्मी ही तैनात हैं। कोरोनाकाल के बाद यह कॉम्प्लेक्स दोबारा पटरी पर नहीं लौट पाया। घाटे के कारण संचालन बंद हुआ और लीज पर देने की कोशिश भी कामयाब नहीं हो सकी।
पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स के रेस्टोरेंट को दोबारा शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग ने लीज पर देने की योजना बनाई थी। विभाग की ओर से प्रयास भी किए गए लेकिन कोई कंपनी या संचालक इसे लेने को तैयार नहीं हुआ। इसके पीछे कमरों की कम संख्या, स्टाफ की कमी और संचालन में घाटे को प्रमुख वजह बताया गया। नतीजा यह रहा कि योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी और रेस्टोरेंट बंद ही रहा।
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निजी होटलों में सरकारी आयोजन
फतेहाबाद में प्रशासनिक बैठकों, सरकारी सेमिनार और अन्य आयोजनों के लिए निजी होटलों का सहारा लिया जाता है। दूसरी ओर पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स में रेस्टोरेंट और कमरे उपलब्ध होने के बावजूद इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा। इस परिसर को जरूरत के अनुसार विकसित कर शुरू किया जाए तो सरकारी आयोजनों के लिए इसका बेहतरीन उपयोग हो सकता है।
1992 में किया था शिलान्यास, 1994 में उद्घाटन
पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास जून 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भजनलाल ने किया था। जून 1994 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री लीलाकृष्ण ने इसका उद्घाटन किया। करीब तीन दशक पहले पर्यटन और जनसुविधाओं के लिहाज से तैयार किया गया यह परिसर आज अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है। जिस संपत्ति को शहर की सुविधाओं और पर्यटन का केंद्र बनना था वह अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है। भवन के बंद रहने से फर्नीचर और अन्य सामान के मरम्मत की सख्त जरूरत है। कॉम्प्लेक्स के दोबारा खुलने से शहर की खूबसूरती बढ़ेगी और विभाग के राजस्व में भी इजाफा होगा।
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अधिक टैक्स बना पतन का कारण
उचित रखरखाव न होना व सामान पर अधिक टैक्स लगने के कारण लोगों ने पपीहा में आने से कन्नी काटनी शुरू कर दी। इसका मुख्य कारण यह भी रहा कि शहर में अनेक रेस्टोरेंट व होटल खुल गए जिसमें वैट व सर्विस चार्ज कम लगता था। पपीहा में 20 फीसदी तक वैट व सर्विस चार्ज वसूला जाता था। पिछले करीब छह सालों में लोगों ने आना ही बंद कर दिया।
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पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स कोरोना के बाद शुरू किया था लेकिन कमरे न होने और स्टाफ की कमी से घाटा बढ़ गया। अभी इसे नए सिरे से बनाने की तैयारी है। - संदीप कुमार, मैनेजर, पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स
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हालात यह है कि पूरा परिसर उजाड़ होता जा रहा है। यहां केवल चौकीदार और सफाईकर्मी ही तैनात हैं। कोरोनाकाल के बाद यह कॉम्प्लेक्स दोबारा पटरी पर नहीं लौट पाया। घाटे के कारण संचालन बंद हुआ और लीज पर देने की कोशिश भी कामयाब नहीं हो सकी।
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पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स के रेस्टोरेंट को दोबारा शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग ने लीज पर देने की योजना बनाई थी। विभाग की ओर से प्रयास भी किए गए लेकिन कोई कंपनी या संचालक इसे लेने को तैयार नहीं हुआ। इसके पीछे कमरों की कम संख्या, स्टाफ की कमी और संचालन में घाटे को प्रमुख वजह बताया गया। नतीजा यह रहा कि योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी और रेस्टोरेंट बंद ही रहा।
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निजी होटलों में सरकारी आयोजन
फतेहाबाद में प्रशासनिक बैठकों, सरकारी सेमिनार और अन्य आयोजनों के लिए निजी होटलों का सहारा लिया जाता है। दूसरी ओर पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स में रेस्टोरेंट और कमरे उपलब्ध होने के बावजूद इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा। इस परिसर को जरूरत के अनुसार विकसित कर शुरू किया जाए तो सरकारी आयोजनों के लिए इसका बेहतरीन उपयोग हो सकता है।
1992 में किया था शिलान्यास, 1994 में उद्घाटन
पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास जून 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भजनलाल ने किया था। जून 1994 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री लीलाकृष्ण ने इसका उद्घाटन किया। करीब तीन दशक पहले पर्यटन और जनसुविधाओं के लिहाज से तैयार किया गया यह परिसर आज अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है। जिस संपत्ति को शहर की सुविधाओं और पर्यटन का केंद्र बनना था वह अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है। भवन के बंद रहने से फर्नीचर और अन्य सामान के मरम्मत की सख्त जरूरत है। कॉम्प्लेक्स के दोबारा खुलने से शहर की खूबसूरती बढ़ेगी और विभाग के राजस्व में भी इजाफा होगा।
अधिक टैक्स बना पतन का कारण
उचित रखरखाव न होना व सामान पर अधिक टैक्स लगने के कारण लोगों ने पपीहा में आने से कन्नी काटनी शुरू कर दी। इसका मुख्य कारण यह भी रहा कि शहर में अनेक रेस्टोरेंट व होटल खुल गए जिसमें वैट व सर्विस चार्ज कम लगता था। पपीहा में 20 फीसदी तक वैट व सर्विस चार्ज वसूला जाता था। पिछले करीब छह सालों में लोगों ने आना ही बंद कर दिया।
पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स कोरोना के बाद शुरू किया था लेकिन कमरे न होने और स्टाफ की कमी से घाटा बढ़ गया। अभी इसे नए सिरे से बनाने की तैयारी है। - संदीप कुमार, मैनेजर, पपीहा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स