अंग: क्यों खास है नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म? टोरंटो फेस्टिवल में सम्मान पाकर पकड़ी ऑस्कर की राह
Film Angh won at Tiff: फिल्म ‘अंग’ को टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही यह फिल्म ऑस्कर अवॉर्ड की फीचर केटेगरी में भी शामिल हो चुकी हैं। जानें इस फिल्म के बारे में..
विस्तार
नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘अंग’ भारतीय सिने प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशबरी लाई है। फिल्म ने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में खास मुकाम हासिल किया है। समारोह में इस फिल्म ने प्रतियोगिता का शीर्ष पुरस्कार ‘प्लेटफॉर्म प्राइज’ अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही यह फिल्म वर्ष 2027 के ऑस्कर पुरस्कारों की इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए सीधे तौर पर पात्र हो गई है।
फिल्म के निर्देशक तेजा रियो की यह पहली फीचर फिल्म है। वहीं, फिल्म का निर्माण नैन्सी निसा बेसो ने किया है। इस साल प्लेटफॉर्म प्रतियोगिता के लिए चुनी गई अंग एकमात्र भारतीय फिल्म है। अपने नाम किया।
फिल्म ‘अंग’ में क्या है खास?
- फिल्म की कहानी की पृष्ठभूमि 1960 के दशक के नागालैंड पर आधारित है। यह फिल्म एक बुजुर्ग कोन्याक गांव के मुखिया और उनके बेटे की कहानी है।
- दोनों ऐसे समय में अपनी पैतृक आस्था और जीवनशैली को बचाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, जब उनके आसपास की दुनिया तेजी से बदल रही है।
- तेजा रियो ने इस फीचर फिल्म को 2021 में बनी इसी नाम की अपनी लघु फिल्म से विकसित किया है।
- 16 मिलीमीटर फिल्म पर शूट की गई अंग में स्थानीय नागा कलाकारों के साथ बाफ्टा पुरस्कार जीत चुके अभिनेता डगलस हेंशल भी नजर आएंगे।
- फिल्म में परंपरा, आस्था, परिवार, स्मृतियों और सांस्कृतिक बदलाव के बीच के संबंधों को सामने रखा गया है।
ऑस्कर के मंच तक पहुंचेगी फिल्म
खास बात यह है कि टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्लेटफॉर्म प्राइज जीतने वाली चुनिंदा फिल्मों को ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में सीधे तौर से शामिल होने का मौका मिलता है। इस तरह यह फीचर फिल्म जल्द ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित मंच तक का सफर कर सकती है।
फिल्म ‘अंग’ के बारे में
- फिल्म ‘अंग’ का निर्माण पहले एक शॉर्ट फिल्म के रूप में हुआ था।
- इसे बाद एक फीचर फिल्म की तरह रिलीज किया गया।
- यह फिल्म कोन्याक भाषा में बनाई गई है।
- कोन्याक नागालैंड के कोन्याक समुदाय की प्रमुख भाषाओं में से एक है।
- हालांकि भारतीय सिनेमा में इस भाषा में काफी कम फिल्मों का निर्माण हुआ है।
कौन हैं फिल्म के निर्देशक?
फिल्म का निर्देशन तेजा रियो ने किया है। वह नागालैंड के मशहूर फिल्ममेकर हैं। उन्होंने यूके स्थित नेशनल फिल्म एंड टेलीविजन स्कूल से पढ़ाई की है। उनके फिल्म निर्माण का अहम मकसद नॉर्थ-ईस्ट भारत की कहानियों और आवाजों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना रहा है। 'अंग' से पहले, रियो ने ‘डिसोसिएट’, ‘चेकपोस्ट’ और 'एडे ऑन ए संडे' जैसी शॉर्ट फिल्में डायरेक्ट की थीं।
क्या बोले निर्देशक?
फिल्म की सफलता पर निर्देशक तेजा रियो ने कहा कि यह उनके और फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद खास क्षण है। उन्होंने कहा कि फिल्म को अपने क्षेत्र, अपने लोगों और अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम के साथ बनाया गया है। कार्यकारी निर्माता गौरव धिंगरा ने फिल्म को नागालैंड से निकली ऐसी दुर्लभ आवाज बताया, जिसे स्थानीय कलाकारों ने अपनी शर्तों पर सामने रखा है।