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क्या 9वीं की गणित की किताब से हटाए गए टॉपिक?: एनसीईआरटी ने दिया चर्चाओं को विराम, पाठ्यक्रम पर दी पूरी सफाई

Fri, 25 Sep 2026 03:13 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 25 Sep 2026 03:13 PM IST
सार

NCERT: कक्षा 9 के गणित के मसौदा पाठ्यक्रम को लेकर उठे सवालों पर एनसीईआरटी ने सफाई दी है। परिषद ने कहा कि मसौदे में कोई भी पूरा टॉपिक हटाया नहीं गया है। कुछ टॉपिकों को अलग अध्याय बनाने के बजाय दूसरे अध्यायों में शामिल किया गया है।
 

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NCERT Clarifies Class 9 Maths Draft Syllabus, Explains Changes in Geometry and AI Chapters
एनसीईआरटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

NCERT Class 9 Maths Draft Syllabus: एनसीईआरटी ने कक्षा 9 गणित के मसौदा पाठ्यक्रम को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ की है। परिषद ने कहा कि पाठ्यक्रम को केवल किताब के अध्यायों की संख्या देखकर नहीं समझा जा सकता। कुछ विषयों को अलग अध्याय बनाने के बजाय दूसरे अध्यायों में शामिल किया गया है।

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एनसीईआरटी ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के अनुसार स्कूल के पाठ्यक्रम को केवल किताब में दिए गए अध्यायों की संख्या से नहीं समझना चाहिए। पाठ्यक्रम में यह भी तय होता है कि बच्चों को क्या सीखना है, उन्हें क्या समझ आना चाहिए और पढ़ाई के बाद वे क्या कर पाने में सक्षम होने चाहिए।

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करिकुलम के लक्ष्य क्या बताते हैं?

एनसीईआरटी के अनुसार, करिकुलम के लक्ष्य बताते हैं कि:

  • किसी कक्षा या स्तर पर किसी विषय से बच्चों को क्या सीखना है। 
  • दक्षताएं बताती हैं कि उस स्तर के आखिर तक विद्यार्थी क्या कर पाने में सक्षम होने चाहिए।
  • सीखने के परिणाम यह बताते हैं कि हर कक्षा में पढ़ाई के दौरान बच्चे क्या सीख रहे हैं और इसे कैसे जांचा जा सकता है।


पाठ्यपुस्तक इन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने वाला एक साधन है। इसमें विषय, गतिविधियां, उदाहरण और उन्हें इस्तेमाल करने के मौके दिए जाते हैं। एनसीईआरटी ने कहा कि किसी किताब में अध्याय बनाना पढ़ाई को व्यवस्थित करने का एक तरीका है। किसी विषय को अलग अध्याय में रखना ही उसका अंतिम उद्देश्य नहीं है।

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मसौदा पाठ्यक्रम को लेकर एनसीईआरटी ने क्या कहा?

एनसीईआरटी ने साफ किया कि पहले जारी किया गया पाठ्यक्रम केवल मसौदा था। इसे शिक्षकों, विद्यार्थियों और लेखकों व शिक्षकों से शुरुआती सुझाव लेने के लिए जारी किया गया था। एनसीईआरटी के अनुसार, इन सुझावों के आधार पर मसौदा पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसे अक्तूबर में एनसीईआरटी/सीबीएसई की ओर से जारी किया जाएगा।

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क्या कक्षा 9 गणित से पूरे विषय हटा दिए गए?

कक्षा 9 गणित के मसौदा पाठ्यक्रम को लेकर उठी चिंताओं पर एनसीईआरटी ने कहा कि इसमें से कोई भी पूरा विषय (टॉपिक) हटाया नहीं गया है। कुछ विषयों को अलग अध्याय बनाने के बजाय दूसरे अध्यायों में शामिल किया गया है।

एनसीईआरटी ने रेखाओं और कोणों का उदाहरण दिया। परिषद के अनुसार, इससे जुड़े कई नए महत्वपूर्ण विचार और उनके उपयोग कक्षा 9 के दूसरे भाग के ‘प्रस्ताव और उनके विलोम’ और ‘चतुर्भुज’ अध्यायों में शामिल किए गए हैं।

एनसीईआरटी ने यह भी बताया कि कक्षा 6 की ‘गणित प्रकाश’ किताब में रेखाओं और कोणों पर पहले से ही एक पूरा अलग अध्याय है। यह अध्याय 2 है।

यूक्लिडीय ज्यामिति का अलग अध्याय क्यों नहीं रखा गया?

एनसीईआरटी ने यूक्लिडीय ज्यामिति को लेकर भी सफाई दी है। आसान भाषा में कहें तो इसमें समतल यानी दो आयाम वाले स्पेस की ज्यामिति शामिल होती है। इसमें बहुभुज, वृत्त, समानांतर रेखाएं और एक-दूसरे को काटने वाली रेखाएं जैसी चीजें आती हैं। परिषद के अनुसार, कक्षा 9 की गणित की किताब के अध्याय 5, 6, 9, 12 और 13 में यूक्लिडीय ज्यामिति से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को विस्तार से शामिल किया गया है।

एनसीईआरटी ने कहा कि शिक्षकों और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई थी। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह तय किया गया कि इस विषय पर पारंपरिक तरीके से एक अलग अध्याय नहीं रखा जाएगा। इसके बजाय विद्यार्थियों को अलग-अलग अध्यायों में इन मूल बातों और उनके इस्तेमाल को समझने का मौका दिया जाएगा।

इसका मकसद यह है कि विद्यार्थी केवल स्वयंसिद्ध, प्रमेय और प्रमाण जैसे पारंपरिक तरीकों से विषय न पढ़ें, बल्कि अलग-अलग अध्यायों में इन अवधारणाओं को समझें और उनका इस्तेमाल करना सीखें।

कक्षा 9 गणित में एल्गोरिदम का अध्याय क्यों जोड़ा गया?

एनसीईआरटी ने कक्षा 9 गणित में एल्गोरिदम का अध्याय जोड़ने की वजह भी बताई है। परिषद ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए इससे जुड़ी गणितीय बातों को समझना जरूरी हो गया है।

एनसीईआरटी के अनुसार, आने वाले वर्षों में एल्गोरिदम, आंकड़ा संरचना और किसी काम को पूरा करने में लगने वाले समय की दक्षता जैसी अवधारणाएं बहुत महत्वपूर्ण होंगी। इसलिए विद्यार्थियों को गणित के नजरिए से इन बातों को समझाना जरूरी माना गया है।

एनसीईआरटी ने कहा कि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता पूरी तरह गणित पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सभी विद्यार्थियों के लिए संगणनात्मक सोच सीखना जरूरी है और आने वाले समय में इसका महत्व और बढ़ेगा।

इसी वजह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अलग मॉड्यूल तैयार किए जाने के बावजूद गणित की कक्षाओं में भी इसके पीछे की गणितीय बातों को समझाना जरूरी माना गया। इसी सोच के तहत कक्षा 9 में एल्गोरिदम पर एक अध्याय जोड़ने का फैसला किया गया।

नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर एनसीईआरटी ने क्या कहा?

एनसीईआरटी ने कहा कि गणित और सामाजिक विज्ञान समेत अलग-अलग विषयों की नई किताबें इस तरह तैयार की गई हैं कि विद्यार्थी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के अनुसार तय लक्ष्यों, दक्षताओं और सीखने के परिणामों को बेहतर तरीके से हासिल कर सकें।

इन किताबों में पढ़ाई को एक-दूसरे से जोड़कर, अनुभव के जरिए और समझ के साथ सीखने पर जोर दिया गया है। परिषद ने स्कूलों, शिक्षकों, स्कूल बोर्ड और दूसरे संबंधित पक्षों को सलाह दी है कि वे कक्षा में पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी की योजना बनाते समय विद्यार्थियों की दक्षताओं को ध्यान में रखें।

एनसीईआरटी ने यह भी साफ किया कि पाठ्यक्रम में कितना हिस्सा पढ़ाया जाना है, यह केवल पाठ्यक्रम में लिखे नामों और किताब में दिए गए अध्यायों की संख्या देखकर तय नहीं किया जा सकता। परिषद के अनुसार, ऐसा करना दक्षता आधारित शिक्षा की मूल सोच को सही तरह से नहीं दिखाता।

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