चंपत राय के बचाव में उतरी VHP: बोली- सिर्फ आरोप से कोई दोषी नहीं हो जाता, नैतिकता के आधार पर दिया इस्तीफा
सुरेंद्र जैन ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि केवल आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि जब तक दोष साबित न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी न समझें। जांच एजेंसी को अपना काम करने दें और जांच के नतीजों का इंतजार करें।
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विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर जो भी निर्णय लेगा, वह उसका सम्मान करेगी। वीएचपी ने जोर देकर कहा कि केवल आरोपों से किसी का दोष सिद्ध नहीं हो जाता।
संतों के विवेक पर पूरा भरोसा
आरएसएस के इस सहयोगी संगठन ने यह भी कहा कि राम मंदिर में दान के कथित गबन (घोटाले) की चल रही जांच को अपने निष्कर्ष तक पहुंचने दिया जाना चाहिए। वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि संगठन इस बैठक के नतीजों पर कोई कयास नहीं लगाएगा और उन्हें ट्रस्ट के विवेक पर पूरा भरोसा है। ट्रस्ट खुद ही फैसला करेगा और इसकी घोषणा करेगा। वह जो भी फैसला लेगा, हम उसका सम्मान करेंगे। ट्रस्ट से जुड़े संतों के विवेक पर हमें पूरा भरोसा है।
जब तक दोष साबित न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी न समझें
सुरेंद्र जैन ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि केवल आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि जब तक दोष साबित न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी न समझें। जांच एजेंसी को अपना काम करने दें और जांच के नतीजों का इंतजार करें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने से पहले ही चंपत राय को दोषी ठहराने की कोशिश की है।
कई आरोप जांच में टिक नहीं पाए
जैन ने दावा किया कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए कई आरोप जांच में टिक नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि वीएचपी नेता ने जांच से बचने की कोशिश नहीं की है, बल्कि उन्होंने एसआईटी के गठन का समर्थन किया है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती निष्कर्ष सामने आने के तुरंत बाद मंदिर ट्रस्ट ने तत्परता दिखाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और किसी को भी बचाने का प्रयास नहीं किया।
नैतिकता के आधार पर दिया इस्तीफा
जैन ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ने नैतिक आधार पर पद छोड़ा है, और उनके इस्तीफे को 'नैतिकता के उच्च मानदंड' स्थापित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वीएचपी ट्रस्ट की निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के पक्ष में है और उन सुझावों का स्वागत करती है जो इसके कामकाज को और अधिक पारदर्शी बना सकें।
नहीं होने देंगे मंदिरों पर सरकार का कब्जा
मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण के खिलाफ वीएचपी के रुख को दोहराते हुए जैन ने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थानों का संचालन समाज द्वारा किया जाना चाहिए, सरकार द्वारा नहीं। उन्होंने कहा कि हम हिंदू मंदिरों पर सरकार का कब्जा नहीं होने देंगे। इस देश के संतों और समाज को ही इन मंदिरों का प्रबंधन और संचालन करना चाहिए।
विपक्ष पर निशाना
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर राम मंदिर में जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उनकी आलोचना भ्रष्टाचार की चिंता से नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित है।