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दिल्ली में एसआईआर: एएसडीडी में डालकर मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों को एक और मौका, बीएलओ घर-घर जाकर तलाशेंगे
Sat, 07 Nov 2026 01:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Nov 2026 01:47 AM IST
सार
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन मतदाताओं को राहत दी गई है, जिन्हें 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच गणना प्रपत्र जारी किए गए थे, लेकिन एएसडीडी श्रेणी में चिह्नित होने के कारण उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
दिल्ली में एसआईआर के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाता (एएसडीडी) के रूप में चिह्नित कर प्रारूप मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों को अब अपना नाम जुड़वाने का एक और मौका मिलेगा। निर्वाचन विभाग ऐसे मतदाताओं से दोबारा गणना प्रपत्र भरवाएगा। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे। साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए), परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और आरडब्ल्यूए की मदद से भी ऐसे मतदाताओं को तलाशने की कोशिश की जाएगी।
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन मतदाताओं को राहत दी गई है, जिन्हें 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच गणना प्रपत्र जारी किए गए थे, लेकिन एएसडीडी श्रेणी में चिह्नित होने के कारण उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। ऐसे मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास दोबारा गणना प्रपत्र जमा कराने का अवसर मिलेगा।
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पुराने ईपीआईसी नंबर से मिलेगा फॉर्म
इस प्रक्रिया में मतदाताओं को सबसे बड़ी सुविधा यह दी गई है कि उन्हें नए सिरे से अपना पुराना रिकॉर्ड तलाशने की जरूरत नहीं होगी। उनके पुराने ईपीआईसी नंबर के आधार पर अधूरे गणना प्रपत्र दोबारा तैयार किए जाएंगे। मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप पर भी पुराने ईपीआईसी नंबर के जरिए अपना प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे और उसे भर सकेंगे।
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पता नहीं बदला तो बताना होगा फॉर्म पहले क्यों नहीं भरा
जिन मतदाताओं का पता पहले वाला ही है, उन्हें भरे हुए और हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र के साथ अनुलग्नक-बी जमा करना होगा। इसमें यह बताना होगा कि वे पहले गणना प्रपत्र क्यों जमा नहीं कर पाए थे। आवेदन स्वयं या परिवार के सदस्य के माध्यम से संबंधित ईआरओ, एईआरओ अथवा बीएलओ को दिया जा सकेगा। इसके अलावा ईसीआईनेट ऐप पर ई-साइन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी जाएगी।
दिल्ली में दूसरी जगह शिफ्ट होने पर फॉर्म-8 से छूट
दिल्ली के भीतर ही एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हुए मतदाताओं को फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें नए पते और विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए गणना प्रपत्र के साथ अनुलग्नक-सी जमा करना होगा। इसके साथ नए पते का प्रमाण देना भी जरूरी होगा। आवेदन उस विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ या एईआरओ के पास जमा कराना होगा, जहां मतदाता अब रह रहा है। नए क्षेत्र के बीएलओ से भी मदद ली जा सकेगी।
बेघर लोगों के लिए बीएलओ की रिपोर्ट ही पर्याप्त
निर्वाचन विभाग ने बेघर लोगों को भी राहत दी है। जिनके पास निवास प्रमाण के लिए कोई दस्तावेज नहीं है, उनके मामले में बीएलओ की क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट को ही निवास प्रमाण की आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त माना जाएगा। मतदाता आयोग की वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप पर ''बुक ए कॉल विद बीएलओ'' सुविधा के जरिए अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकेंगे।