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मेहनत की पेश की मिसाल: भीख मांगने वाले हाथों ने लिखा सफलता का अध्याय, 10वीं में हासिल किए 60 प्रतिशत अंक
Thu, 23 Apr 2026 10:40 PM IST
Akash Dubey
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: Akash Dubey
Updated Thu, 23 Apr 2026 10:40 PM IST
सार
भीख मांगने वाली गौरी ने परम सेवा संस्थान की मदद से शिक्षा प्राप्त की। कठिन हालातों के बावजूद उसने 10वीं में 60 फीसदी अंक हासिल कर सफलता की मिसाल पेश की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepik
विस्तार
रेलवे स्टेशन की भीड़ में कभी भीख मांगने वाली गौरी ने हालातों को मात देते हुए शिक्षा की राह पकड़ ली और अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया। स्लम से निकलकर उसने 10वीं कक्षा में 60 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी मेहनत और हौसले की मिसाल पेश की है।
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परम सेवा संस्थान की संचालिका परमजीत कौर ने बताया कि गौरी पहले शहर के रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती थी। संस्था ने उसे समझाकर अपने साथ जोड़ा और पढ़ाई की शुरुआत कराई। गौरी ने यहां से पांचवीं तक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उसका दाखिला राकेश मार्ग स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में करवा दिया गया। वहां से उसने आठवीं तक की पढ़ाई पूरी की।
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इसके बाद गौरी को राजकीय इंटर कॉलेज, विजय नगर में दाखिला दिलाया गया। इसी दौरान भूड़ भारत नगर से स्लम बस्ती को हटा दिया गया। इससे उसके परिवार को रहने की समस्या का सामना करना पड़ा। बाद में संस्था के प्रयासों से परिवार को फैजाबाद स्थानांतरित किया गया, जहां गौरी ने फिर से 10वीं कक्षा में प्रवेश लिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद गौरी ने पढ़ाई जारी रखी और 60 प्रतिशत अंक हासिल कर साबित किया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, मेहनत और सही मार्गदर्शन से बदलाव संभव है।
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