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50 हजार बोतलें, कीमत 85.80 लाख: हिमाचल से बिहार क्यों भेजे जा रहे इतने कोडीनयुक्त सीरप? दारू की जगह पी रहे दवा

Tue, 13 Oct 2026 06:42 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद Published by: विकास कुमार Updated Tue, 13 Oct 2026 06:42 PM IST
सार

तस्करी वाली कोडीनयुक्त सीरप नशे में इस्तेमाल होती है, जो एमआरपी से दो-तीन गुना और बांग्लादेश में पांच गुना दाम पर बिकती है।
 

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Codeine-laced syrup worth rupees 85.80 lakh seized in Sahibabad three arrested
50 हजार कोडीनयुक्त सिरप बोतलें बरामद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस ने सोमवार रात ड्राई स्टेट में नशे के रूप में प्रयोग होने वाले 85.80 लाख रुपये के कोडीनयुक्त कफ सीरप की बड़ी खेप पकड़ी है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 हजार बोतलें बरामद की गई हैं।

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Codeine-laced syrup worth rupees 85.80 lakh seized in Sahibabad three arrested
पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला

कहां हुई छापेमारी, कौन-कौन गिरफ्तार?
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर सीमापुरी स्थित कसाना क्रेन कंपाउंड में छापेमारी की। गोदाम से करीब 50 हजार बोतलें मिलें। वैध दस्तावेज न दिखा पाने पर वीरेंद्र सिंह, शिव शंकर कुमार और राजेश कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया। 

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हिमाचल से गाजियाबाद लाए, बिहार भेजने की थी तैयारी
सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने बताया कि सीरप दिल्ली की जेवरन हेल्थ केयर कंपनी के नाम पर खरीदा गया था। यह सीरप हिमाचल प्रदेश से गाजियाबाद लाकर बिहार भेजा जाना था, जिसमें फर्जीवाड़ा मिला। आरोपियों ने जेवरन कंपनी से नूतन फार्मा कंपनी को बिक्री दिखाकर माल पटना भेजने की योजना बनाई थी। पुलिस जेवरन कंपनी के मालिक पुरोहित गुप्ता उर्फ भोला की तलाश कर रही है।

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तस्करी का नेटवर्क और मुनाफा
पुलिस के अनुसार, भोला और संध्या ट्रांसपोर्ट कंपनी बिहार से हैं। जेवरन कंपनी दो साल से सिर्फ बिहार में सीरप बेच रही है, संध्या ट्रांसपोर्ट भी केवल कोडीनयुक्त सीरप का परिवहन करती है। सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि ये फर्जी कंपनियां सिर्फ सीरप की तस्करी के लिए बनाई गई हैं। तस्करी वाली सीरप नशे में इस्तेमाल होती है, जो एमआरपी से दो-तीन गुना और बांग्लादेश में पांच गुना दाम पर बिकती है।

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