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Faridabad News: अरावली के गांवों में हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रामीणों को दिया प्रशिक्षण
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली की तलहटी के गांवों में हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून की ओर से ‘रीकैपफॉरएनडीसी’ परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में वन संरक्षण, पौधरोपण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए गए।
प्रशिक्षण में सिलाखरी, कोट, सिरोही, पाली, गोठड़ा मोहब्बताबाद, खेड़ी गुजरान और पावटा सहित कई गांवों के ग्रामीणों और महिला किसानों ने भाग लिया। परिषद के प्रधान अन्वेषक डॉ. आरएस रावत और सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. शिल्पा गौतम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार ठाकुर और संजीवनी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने वन परिदृश्य की पुनर्स्थापना और स्थानीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने की जानकारी दी। हरियाणा वन विभाग ने भी सहयोग किया। आयोजकों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने के लक्ष्य में योगदान देना है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को पौधरोपण किट, पौधे तथा औषधीय और सब्जियों के बीज वितरित किए गए।
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फरीदाबाद। अरावली की तलहटी के गांवों में हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून की ओर से ‘रीकैपफॉरएनडीसी’ परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में वन संरक्षण, पौधरोपण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए गए।
प्रशिक्षण में सिलाखरी, कोट, सिरोही, पाली, गोठड़ा मोहब्बताबाद, खेड़ी गुजरान और पावटा सहित कई गांवों के ग्रामीणों और महिला किसानों ने भाग लिया। परिषद के प्रधान अन्वेषक डॉ. आरएस रावत और सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. शिल्पा गौतम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार ठाकुर और संजीवनी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने वन परिदृश्य की पुनर्स्थापना और स्थानीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने की जानकारी दी। हरियाणा वन विभाग ने भी सहयोग किया। आयोजकों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश में वन और वृक्ष आवरण बढ़ाने के लक्ष्य में योगदान देना है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को पौधरोपण किट, पौधे तथा औषधीय और सब्जियों के बीज वितरित किए गए।
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