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Faridabad News: आरोपी ठगी की रकम का लाभार्थी नहीं, दी जमानत
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निवेश के नाम पर युवक से 4,73,763 रुपये की हुई थी ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगी की रकम खाते में नहीं आने और शिकायतकर्ता को कोई संदेश नहीं भेजने के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने आरोपी शिवम सिंह सिकरवार उर्फ बेटू को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने माना कि आरोपी ठगी की रकम का लाभार्थी नहीं था। उसके पास से साइबर ठगी की रकम भी बरामद नहीं हुई। आरोपी पर सहआरोपी को बैंक खाता मुहैया कराने का आरोप था।
साइबर थाना सेंट्रल में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता बलराम सिंह ने बताया था कि 19 दिसंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर पॉसमार्क की ओर से संदेश आया था। उसे निवेश पर लाभ का झांसा दिया गया। इसके बाद एक मोबाइल नंबर से संपर्क हुआ और बताए अनुसार उसने पॉसमार्क के नाम पर निवेश शुरू किया। 21 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच उसने 4,73,763 रुपये निवेश किए। लाभ नहीं मिलने पर उसे साइबर ठगी का पता चला।
अदालत में पुलिस की ओर से जांच लंबित होने का हवाला देकर जमानत का विरोध किया गया। वहीं अदालत ने पाया कि आरोपी के खाते में साइबर ठगी की कोई रकम नहीं आई और उसने शिकायतकर्ता को कोई संदेश नहीं भेजा था। उसके पास से केवल 1,500 रुपये बरामद हुए। अदालत ने पचास हजार रुपये के जमानती मुचलके पर जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगी की रकम खाते में नहीं आने और शिकायतकर्ता को कोई संदेश नहीं भेजने के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने आरोपी शिवम सिंह सिकरवार उर्फ बेटू को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने माना कि आरोपी ठगी की रकम का लाभार्थी नहीं था। उसके पास से साइबर ठगी की रकम भी बरामद नहीं हुई। आरोपी पर सहआरोपी को बैंक खाता मुहैया कराने का आरोप था।
साइबर थाना सेंट्रल में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता बलराम सिंह ने बताया था कि 19 दिसंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर पॉसमार्क की ओर से संदेश आया था। उसे निवेश पर लाभ का झांसा दिया गया। इसके बाद एक मोबाइल नंबर से संपर्क हुआ और बताए अनुसार उसने पॉसमार्क के नाम पर निवेश शुरू किया। 21 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच उसने 4,73,763 रुपये निवेश किए। लाभ नहीं मिलने पर उसे साइबर ठगी का पता चला।
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अदालत में पुलिस की ओर से जांच लंबित होने का हवाला देकर जमानत का विरोध किया गया। वहीं अदालत ने पाया कि आरोपी के खाते में साइबर ठगी की कोई रकम नहीं आई और उसने शिकायतकर्ता को कोई संदेश नहीं भेजा था। उसके पास से केवल 1,500 रुपये बरामद हुए। अदालत ने पचास हजार रुपये के जमानती मुचलके पर जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
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