दिल्ली: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, आज एसईएम कोर्ट में पेशी
सीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का आह्वान किया था। सेंट्रल पार्क में प्रवेश पर पहरा, सड़कों पर पुलिस की निगरानी और प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बीच कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकाली गई। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को सीपी पहुंचने का मौका भी नहीं मिला।
विस्तार
दिल्ली में 16 अक्टूबर की शाम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया था। अभिजीत दिपके के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उन्हें गिरफ्तार कर एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा को रिहा कर दिया।
सेंट्रल पार्क में प्रवेश पर पहरा, सड़कों पर पुलिस की निगरानी और प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बीच शुक्रवार को कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकाली गई। सेंट्रल पार्क की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका और लोगों को हिरासत में ले लिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को सीपी पहुंचने का मौका भी नहीं मिला। फिर भी, सीपी इनर और आउटर सर्किल समेत आसपास की सड़कों पर लोग हाथों में तिरंगा लेकर मार्च करते दिखे। इसमें सीजेपी, आइसा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
सीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में जंतर-मंतर को दोबारा धरना-प्रदर्शन स्थल घोषित करना, हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल रहा। संगठनों का कहना था कि वे तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके शुक्रवार शाम करीब चार बजे पंचकुइयां रोड स्थित अपने दोस्त के घर से कनॉट प्लेस के लिए निकले थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। दूसरी ओर, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा अपने समर्थकों के साथ मंडी हाउस पहुंचीं। फिरोजशाह रोड की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान हुई। कुछ देर बाद पुलिस ने नेहा बोरा को भी उनके समर्थकों के साथ हिरासत में ले लिया। नेहा की हिरासत के विरोध में कुछ समर्थक पुलिस की गाड़ी के सामने लेट गए। उन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। इस घटनाक्रम के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और कई लोगों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया।
हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने वाली बसों की हवा निकाली
प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने के लिए मौके पर लाई गई बसों की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए उन्हें वहां से हटाया। कई लोगों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सेंट्रल पार्क और उसके आसपास पुलिस की कड़ी निगरानी रही।
दो दिन बंद रखने की सूचना, पार्क में प्रवेश की अनुमति नहीं
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को पहले ही नोटिस देकर बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की चेतावनी दी थी। पुलिस की ओर से सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्तूबर को बंद रखने की जानकारी भी दी गई थी। कार्यक्रम की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पार्क में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद पार्क की ओर बढ़ रहे लोगों को वहां से हटाया गया।