{"_id":"6ae7605507fe3e985b0a3b22","slug":"an-atmosphere-reminiscent-of-thiruvananthapuram-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-2754-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: प्रवासी केरलवासियों ने रचाया तिरुवनंतपुरम जैसा माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: प्रवासी केरलवासियों ने रचाया तिरुवनंतपुरम जैसा माहौल
विज्ञापन
पोंगला उत्सव में जुटीं हजारों महिलाएं, पारंपरिक तरीके से मिट्टी के बर्तनों में बनाया प्रसाद
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-3 स्थित ए-1 पार्क में पोंगला उत्सव के दौरान केरल की संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। प्रवासी केरलवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाया। इस दौरान हजारों महिलाओं ने सामूहिक रूप से मिट्टी के बर्तनों में पोंगला प्रसाद तैयार किया। पूरा परिसर धार्मिक उत्साह और भक्ति के माहौल में सराबोर रहा। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित प्रसिद्ध अट्टुकल भगवती मंदिर में पोंगला उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मयूर विहार में रहने वाले केरलवासी हर साल सामूहिक रूप से यह आयोजन करते हैं। इस बार भी सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मिट्टी के नए बर्तन, चावल, गुड़, नारियल और केले लेकर ए-1 पार्क पहुंचने लगीं।
ईंटों के चूल्हे बनाकर तैयार किया प्रसाद
महिलाओं ने पार्क परिसर और आसपास के निर्धारित स्थानों पर ईंटों से छोटे-छोटे चूल्हे बनाए। इनमें मिट्टी के बर्तन रखकर चावल, गुड़ और नारियल से पारंपरिक पोंगला प्रसाद तैयार किया गया। मुख्य अग्नि प्रज्वलित होने के बाद उसी से अन्य महिलाओं ने अपने चूल्हे जलाए। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया।
संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश
आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासी केरलवासियों ने हिस्सा लिया। पूरा क्षेत्र पारंपरिक भजनों और 'अम्मैय्य नारायण' के जयकारों से गूंज उठा। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने कहा कि दिल्ली में रहते हुए भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना जरूरी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पोंगला उत्सव के जरिये प्रवासी केरलवासी अपनी धार्मिक आस्था और सामूहिक एकता को बनाए रख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-3 स्थित ए-1 पार्क में पोंगला उत्सव के दौरान केरल की संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। प्रवासी केरलवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाया। इस दौरान हजारों महिलाओं ने सामूहिक रूप से मिट्टी के बर्तनों में पोंगला प्रसाद तैयार किया। पूरा परिसर धार्मिक उत्साह और भक्ति के माहौल में सराबोर रहा। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित प्रसिद्ध अट्टुकल भगवती मंदिर में पोंगला उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मयूर विहार में रहने वाले केरलवासी हर साल सामूहिक रूप से यह आयोजन करते हैं। इस बार भी सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मिट्टी के नए बर्तन, चावल, गुड़, नारियल और केले लेकर ए-1 पार्क पहुंचने लगीं।
ईंटों के चूल्हे बनाकर तैयार किया प्रसाद
महिलाओं ने पार्क परिसर और आसपास के निर्धारित स्थानों पर ईंटों से छोटे-छोटे चूल्हे बनाए। इनमें मिट्टी के बर्तन रखकर चावल, गुड़ और नारियल से पारंपरिक पोंगला प्रसाद तैयार किया गया। मुख्य अग्नि प्रज्वलित होने के बाद उसी से अन्य महिलाओं ने अपने चूल्हे जलाए। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया।
विज्ञापन
संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश
आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रवासी केरलवासियों ने हिस्सा लिया। पूरा क्षेत्र पारंपरिक भजनों और 'अम्मैय्य नारायण' के जयकारों से गूंज उठा। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने कहा कि दिल्ली में रहते हुए भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना जरूरी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पोंगला उत्सव के जरिये प्रवासी केरलवासी अपनी धार्मिक आस्था और सामूहिक एकता को बनाए रख रहे हैं।
विज्ञापन