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Delhi NCR News: 850 करोड़ से बनेगी 5.49 किमी लंबी एलिवेटेड रोड, जाम से मिलेगी राहत
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सेक्टर-3 से सेक्टर-60 तक बनेगा छह लेन का कॉरिडोर, आईआईटी रुड़की ने तैयार की डीपीआर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाली एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की तस्वीर साफ हो गई है। मास्टर प्लान रोड-1 पर सेक्टर-16 फिल्म सिटी अंडरपास के आगे से सेक्टर-60 के सामने तक प्रस्तावित छह लेन की एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने यह रिपोर्ट तैयार की है। करीब 5.49 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 800 से 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार तक डीपीआर नोएडा प्राधिकरण को मिलने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 के सामने से शुरू होकर सेक्टर-12, 22 और 56 के तिराहे तक मास्टर प्लान रोड-1 के बीच से गुजरेगी। इसके बाद यह दाहिनी ओर मुड़कर सेक्टर-57 चौराहे को पार करते हुए सेक्टर-60 के सामने उतरेगी। इस कॉरिडोर के बनने से वाहन चालकों को शहर के कई व्यस्त चौराहों पर रुकने की जरूरत कम होगी।
फिलहाल सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम चौराहे, सेक्टर-12-22 चौराहे, सेक्टर-12-22-56 तिराहे और सेक्टर-57 चौराहे पर यातायात का दबाव रहता है। एलिवेटेड रोड के जरिए वाहन इन प्रमुख जंक्शनों को बाईपास कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय घटने की उम्मीद है, बल्कि आसपास की सड़कों पर भी ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।
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डीपीआर के परीक्षण के बाद तय होगी लागत
नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की के साथ करार कर यह डीपीआर तैयार कराई है। इसके लिए संस्थान को करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। परियोजना की योजना तैयार करने के लिए आईआईटी की टीम ने प्राधिकरण के इंजीनियरों के साथ कई बार निरीक्षण भी किया। डीपीआर मिलने के बाद प्राधिकरण लागत और दरों का परीक्षण करेगा। इसके आधार पर परियोजना की अंतिम लागत तय की जाएगी। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सेक्टर-73 से गाजियाबाद तक मिलेगी कनेक्टिविटी
सेक्टर-60 के सामने एलिवेटेड रोड से उतरने के बाद वाहन चालक सेक्टर-73, 121, 59, 62 और 63 के साथ गाजियाबाद की ओर आसानी से जा सकेंगे। इससे शहर के आंतरिक यातायात के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राधिकरण स्तर पर उसका परीक्षण किया जाएगा। -एसपी सिंह, जीएम, प्राधिकरण
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाली एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की तस्वीर साफ हो गई है। मास्टर प्लान रोड-1 पर सेक्टर-16 फिल्म सिटी अंडरपास के आगे से सेक्टर-60 के सामने तक प्रस्तावित छह लेन की एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने यह रिपोर्ट तैयार की है। करीब 5.49 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 800 से 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार तक डीपीआर नोएडा प्राधिकरण को मिलने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 के सामने से शुरू होकर सेक्टर-12, 22 और 56 के तिराहे तक मास्टर प्लान रोड-1 के बीच से गुजरेगी। इसके बाद यह दाहिनी ओर मुड़कर सेक्टर-57 चौराहे को पार करते हुए सेक्टर-60 के सामने उतरेगी। इस कॉरिडोर के बनने से वाहन चालकों को शहर के कई व्यस्त चौराहों पर रुकने की जरूरत कम होगी।
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फिलहाल सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम चौराहे, सेक्टर-12-22 चौराहे, सेक्टर-12-22-56 तिराहे और सेक्टर-57 चौराहे पर यातायात का दबाव रहता है। एलिवेटेड रोड के जरिए वाहन इन प्रमुख जंक्शनों को बाईपास कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय घटने की उम्मीद है, बल्कि आसपास की सड़कों पर भी ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।
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डीपीआर के परीक्षण के बाद तय होगी लागत
नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की के साथ करार कर यह डीपीआर तैयार कराई है। इसके लिए संस्थान को करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। परियोजना की योजना तैयार करने के लिए आईआईटी की टीम ने प्राधिकरण के इंजीनियरों के साथ कई बार निरीक्षण भी किया। डीपीआर मिलने के बाद प्राधिकरण लागत और दरों का परीक्षण करेगा। इसके आधार पर परियोजना की अंतिम लागत तय की जाएगी। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सेक्टर-73 से गाजियाबाद तक मिलेगी कनेक्टिविटी
सेक्टर-60 के सामने एलिवेटेड रोड से उतरने के बाद वाहन चालक सेक्टर-73, 121, 59, 62 और 63 के साथ गाजियाबाद की ओर आसानी से जा सकेंगे। इससे शहर के आंतरिक यातायात के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राधिकरण स्तर पर उसका परीक्षण किया जाएगा। -एसपी सिंह, जीएम, प्राधिकरण