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राजीव गांधी नवोदय विद्यालय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में किए जाएंगे विकसित : मुख्य सचिव
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राजीव गांधी नवोदय विद्यालय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में किए जाएंगे विकसित : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने ली इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली।
उन्होंने कहा, इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, आधारभूत सुविधाओं से युक्त किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए।
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उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके। मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हता के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए। वहीं, प्रवेश प्रक्रिया नया सत्र शुरू होने से एक महीने पहले पूर्ण हो जाए। बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, महानिदेशक आकांक्षा कोंडे आदि मौजूद रहे।
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शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए
मुख्य सचिव ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती होने तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने के लिए अधिकृत किए जाने के भी निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने ली इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली।
उन्होंने कहा, इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, आधारभूत सुविधाओं से युक्त किए जाने के निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए।
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उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके। मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हता के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए। वहीं, प्रवेश प्रक्रिया नया सत्र शुरू होने से एक महीने पहले पूर्ण हो जाए। बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, महानिदेशक आकांक्षा कोंडे आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए
मुख्य सचिव ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती होने तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने के लिए अधिकृत किए जाने के भी निर्देश दिए।