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नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए सरकार का बड़ा प्लान: 109 शहीद स्मारक बनेंगे; लंबित मामलों पर चलेगा विशेष अभियान
Tue, 11 Aug 2026 07:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:14 PM IST
सार
नक्सल प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित युवाओं के पुनर्वास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 109 शहीद स्मारकों के निर्माण, लंबित राहत मामलों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।
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डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने की योजनाओं की समीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं के पुनर्वास को लेकर सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से लेकर पुनर्वासित युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने तक कई अहम निर्देश दिए।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारक बनाए जाएंगे। इन स्मारकों को सिर्फ श्रद्धांजलि स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां क्यूआर कोड के जरिए संबंधित शहीद और घटना से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने की योजना है।
शहीद परिवारों को 100 फीसदी अनुकंपा नियुक्ति
उप मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस पर विजय शर्मा ने संतोष जताते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नक्सल प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित लोगों से संबंधित जानकारी को एसआईबी डैशबोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
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बैठक में उन मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनमें नक्सल हिंसा के पीड़ितों को अभी तक शासन की राहत या क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी है। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। सरकार अब पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दे रही है। बैठक में दूसरे राज्यों से वापस लौटने वाले स्थानीय युवाओं को पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल प्रशिक्षण देने की बात कही गई। वहीं, दूसरे राज्यों के निवासी पुनर्वासित युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने के लिए संबंधित राज्यों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
109 शहीद स्मारकों में दिखेगी बलिदान की कहानी
शहीद स्मारकों के निर्माण के लिए एक समान डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। स्मारक घटना स्थल या संबंधित गांवों में बनाए जाएंगे। यहां लगाए जाने वाले क्यूआर कोड को स्कैन करने पर लोग संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान की विस्तृत जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए स्कूल, चौक-चौराहों और सरकारी भवनों के नामकरण की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए।
पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं की होगी नियमित जांच
बैठक में पुनर्वास केंद्रों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और मौसमी बीमारियों से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों का शीघ्र निराकरण करने पर जोर दिया गया। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं और लोक अभियोजन अधिकारियों की टीम बनाकर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही माओवादी हिंसा में घायल जवानों और नागरिकों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
50 गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 गांवों में विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने इन गांवों में प्रस्तावित विकास कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सके। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित परिवारों, शहीदों के परिजनों और समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों से जुड़े मामलों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए। सरकार का लक्ष्य प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देने के साथ पुनर्वासित युवाओं को सम्मान, रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर उपलब्ध कराना है।
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बैठक में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारक बनाए जाएंगे। इन स्मारकों को सिर्फ श्रद्धांजलि स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां क्यूआर कोड के जरिए संबंधित शहीद और घटना से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने की योजना है।
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शहीद परिवारों को 100 फीसदी अनुकंपा नियुक्ति
उप मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस पर विजय शर्मा ने संतोष जताते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नक्सल प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित लोगों से संबंधित जानकारी को एसआईबी डैशबोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
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बैठक में उन मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनमें नक्सल हिंसा के पीड़ितों को अभी तक शासन की राहत या क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी है। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। सरकार अब पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दे रही है। बैठक में दूसरे राज्यों से वापस लौटने वाले स्थानीय युवाओं को पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल प्रशिक्षण देने की बात कही गई। वहीं, दूसरे राज्यों के निवासी पुनर्वासित युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने के लिए संबंधित राज्यों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
109 शहीद स्मारकों में दिखेगी बलिदान की कहानी
शहीद स्मारकों के निर्माण के लिए एक समान डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। स्मारक घटना स्थल या संबंधित गांवों में बनाए जाएंगे। यहां लगाए जाने वाले क्यूआर कोड को स्कैन करने पर लोग संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान की विस्तृत जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए स्कूल, चौक-चौराहों और सरकारी भवनों के नामकरण की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए।
पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं की होगी नियमित जांच
बैठक में पुनर्वास केंद्रों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और मौसमी बीमारियों से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों का शीघ्र निराकरण करने पर जोर दिया गया। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं और लोक अभियोजन अधिकारियों की टीम बनाकर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही माओवादी हिंसा में घायल जवानों और नागरिकों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
50 गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 गांवों में विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने इन गांवों में प्रस्तावित विकास कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सके। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित परिवारों, शहीदों के परिजनों और समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों से जुड़े मामलों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए। सरकार का लक्ष्य प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देने के साथ पुनर्वासित युवाओं को सम्मान, रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर उपलब्ध कराना है।