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धमतरी: हादसे के बाद बिस्तर पर जिंदगी, CM ने फोन पर जाना पीड़ित का हाल, 10 साल से लाचार बेटे के लिए जगी उम्मीद
Thu, 10 Sep 2026 08:21 AM IST
धमतरी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
Published by: धमतरी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 08:21 AM IST
सार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने धमतरी के शशिकांत भरत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति सामने लाई। मामला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंचा तो उन्होंने फोन कर शशिकांत का हाल जाना और बेहतर इलाज के लिए मदद का भरोसा दिलाया।
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देवपुर के शशिकांत से सीएम ने स्वास्थ्य को लेकर की बातचीत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए जिले के देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शशिकांत से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने बेहतर उपचार के लिए हरसंभव सहयोग और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
बातचीत के दौरान शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भटगांव आईटीआई में अध्ययनरत थे। 11 नवंबर 2016 को ग्राम दुगली के पास धमतरी से लौटते समय शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच एक सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद सर्वाइकल संबंधी समस्या के कारण उनके हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई।
शशिकांत के अनुसार हादसे के बाद वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। वर्तमान में उनकी स्थिति ऐसी है कि वह स्वयं चलने-फिरने, उठने-बैठने और दैनिक नित्यक्रियाएं करने में सक्षम नहीं हैं। अधिकांश समय उन्हें बिस्तर पर ही रहना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि परिवार में उनकी देखभाल उनकी मां ही करती हैं।
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शशिकांत का उपचार धमतरी और रायपुर सहित विभिन्न अस्पतालों में कराया जा चुका है। इनमें प्रदेश और प्रदेश से बाहर के कई बड़े अस्पताल भी शामिल हैं। परिवार के अनुसार अब तक उनके उपचार में काफी राशि खर्च हो चुकी है लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
शशिकांत ने मुख्यमंत्री से आगे के उपचार के लिए शासकीय सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी बात गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनी तथा उपचार के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री की पहल से शशिकांत और उनके परिवार में बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन द्वारा भी प्रकरण में आवश्यक समन्वय करते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री की पहल के लिए उनका आभार जताया है।
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बातचीत के दौरान शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भटगांव आईटीआई में अध्ययनरत थे। 11 नवंबर 2016 को ग्राम दुगली के पास धमतरी से लौटते समय शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच एक सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद सर्वाइकल संबंधी समस्या के कारण उनके हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई।
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शशिकांत के अनुसार हादसे के बाद वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। वर्तमान में उनकी स्थिति ऐसी है कि वह स्वयं चलने-फिरने, उठने-बैठने और दैनिक नित्यक्रियाएं करने में सक्षम नहीं हैं। अधिकांश समय उन्हें बिस्तर पर ही रहना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि परिवार में उनकी देखभाल उनकी मां ही करती हैं।
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शशिकांत का उपचार धमतरी और रायपुर सहित विभिन्न अस्पतालों में कराया जा चुका है। इनमें प्रदेश और प्रदेश से बाहर के कई बड़े अस्पताल भी शामिल हैं। परिवार के अनुसार अब तक उनके उपचार में काफी राशि खर्च हो चुकी है लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
शशिकांत ने मुख्यमंत्री से आगे के उपचार के लिए शासकीय सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी बात गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनी तथा उपचार के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री की पहल से शशिकांत और उनके परिवार में बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन द्वारा भी प्रकरण में आवश्यक समन्वय करते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री की पहल के लिए उनका आभार जताया है।