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छत्तीसगढ़: जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की उच्च न्यायालय से विदाई, 3450 से ज्यादा मामलों का किया निराकरण
Tue, 01 Sep 2026 08:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
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Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 08:12 AM IST
सार
जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की सेवानिवृत्ति के अवसर पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सम्मान और विदाई समारोह आयोजित किया गया। अपने कार्यकाल में उन्होंने 3450 से अधिक मामलों का निराकरण किया, जिसमें सिंगल बेंच के 101 और डिवीजन बेंच के 40 रिपोर्टेड जजमेंट शामिल हैं।
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जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनका सम्मान और विदाई कार्यक्रम सोमवार को हाईकोर्ट में आयोजित किया गया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में दोपहर 3:30 बजे यह कार्यक्रम हुआ। अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस अग्रवाल ने सिंगल बेंच के 101 रिपोर्टेड जजमेंट तथा डिवीजन बेंच के 40 रिपोर्टेड जजमेंट सहित कुल 3450 से अधिक मामलों का निराकरण किया।
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सीजे रमेश सिन्हा ने योगदान को सराहा
इस अवसर पर सीजे रमेश सिन्हा ने जस्टिस अग्रवाल के विधिक ज्ञान, निष्पक्षता एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस अग्रवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक मामले को अत्यंत धैर्य और निष्पक्षता के साथ सुना और बार व बेंच के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक संबंध बनाए रखा।
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उन्होंने कहा कि जस्टिस अग्रवाल अपनी स्पष्टता, संतुलित दृष्टिकोण तथा विधि के शासन के प्रति सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने बुद्धिमत्ता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनका दृष्टिकोण न केवल कानून की गहरी समझ को दर्शाता था, बल्कि न्याय के मानवीय पहलुओं के प्रति उनकी सूक्ष्म जागरूकता को भी प्रकट करता था। उनका आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
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जिला जज रहते मिला था प्रतिष्ठित सम्मान
अपने कार्यकाल में न्यायाधीश अग्रवाल ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय निर्णय दिए। उल्लेखनीय है कि कोरबा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व के लिए उन्हें 2014 में नई दिल्ली में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस (ईस्ट जोन) से सम्मानित किया गया।
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2022 में बने अतिरिक्त न्यायाधीश
2 अगस्त 2022 को वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 28 अप्रैल 2026 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल ने संबोधन में अपने तीन दशक के कार्यकाल के अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने कवि शिवमंगल सिंह 'सुमन' की पंक्तियां पढ़ते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं