फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   ₹3,200 crore liquor scam: 27,000-page challan presented in court, 20 individuals and 22 subsidy companies char

3,200 करोड़ का शराब घोटाला: अदालत में पेश हुआ 27 हजार पन्नों का चालान,20 व्यक्तियों-22 फर्मों-कंपनियों पर आरोप

Thu, 15 Oct 2026 03:44 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 15 Oct 2026 03:44 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (एसीबी-ईओडब्ल्यू) ने रायपुर की विशेष अदालत में 27 हजार पन्नों का दसवां चालान पेश किया है।

विज्ञापन
₹3,200 crore liquor scam: 27,000-page challan presented in court, 20 individuals and 22 subsidy companies char
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (एसीबी-ईओडब्ल्यू) ने रायपुर की विशेष अदालत में 27 हजार पन्नों का दसवां चालान पेश किया है। इस चालान में रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा और अख्तर ढेबर सहित 20 व्यक्तियों तथा 22 फर्मों-कंपनियों के खिलाफ आरोप हैं। इसके अतिरिक्त जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और बीआर लोहिया के खिलाफ 182.98 करोड़ रुपये के फर्जी मैनपावर भुगतान मामले में छठा पूरक चालान भी पेश किया है।
विज्ञापन


अवैध शराब बिक्री और हवाला से दुबई पहुंची रकम
जांच एजेंसी के अनुसार शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था का दुरुपयोग कर अवैध कमीशन वसूला। डिस्टिलरी संचालकों ने बिना आबकारी शुल्क चुकाए पार्ट-बी नाम से अतिरिक्त शराब तैयार कराई और डुप्लीकेट होलोग्राम तथा फर्जी परिवहन परमिट के जरिये उसे सरकारी दुकानों तक पहुंचाया। इस शराब की बिक्री सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होती थी और नकद राशि सिंडिकेट तक पहुंचाई जाती थी। अवैध रूप से जुटाए गए इस नकद पैसे को हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिये देश के विभिन्न शहरों तथा दुबई तक भेजा गया। इसके अलावा नकद रकम को बैंक खातों में लोन के रूप में दिखाकर जमीन और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सिलतरा स्थित एन.व्ही. डिस्टिलरी से शराब की अवैध बिक्री होटल-बार के माध्यम से की गई।
विज्ञापन


मैनपावर भुगतान के नाम पर 182 करोड़ का नुकसान
जांच एजेंसी के मुताबिक वर्ष 2019 से 2023 के बीच पांच मैनपावर कंपनियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त दिनों के काम और सेवा शुल्क के नाम पर 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में इन कंपनियों को 152.40 करोड़ रुपये दिए गए, जिसमें ओवरटाइम के 82.66 करोड़ रुपये, बोनस के 12.21 करोड़ रुपये, चार अतिरिक्त दिनों के काम के 45.02 करोड़ रुपये और सेवा शुल्क के 12.51 करोड़ रुपये शामिल हैं। नियमानुसार कंपनियों को पहले कर्मचारियों को भुगतान करना था और फिर सरकार से रकम लेनी थी, लेकिन कंपनियों ने कर्मचारियों को पैसे दिए बिना फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। अनवर ढेबर के कहने पर निविदा शर्तों में बदलाव करके यह व्यवस्था बनाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दावा…अधिकारियों को मोटी कमीशन और संपत्ति में निवेश
मैनपावर कंपनियों से नकद कमीशन इकट्ठा करने में सिद्धार्थ सिंघानिया की मुख्य भूमिका थी। जांच में सामने आया कि हर महीने 70 से 80 लाख रुपये का कमीशन लिया जाता था और त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल में करीब 28 से 32 करोड़ रुपये कमीशन लेकर अनवर ढेबर तक पहुंचाए। अक्तूबर 2019 से मार्च 2023 के बीच सुमीत फैसिलिटीज की ओर से 15.65 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं ईगल हंटर और अलर्ट कमांडोज को 48.08 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिला। तत्कालीन उप महाप्रबंधक नवीन प्रताप सिंह तोमर को 28.80 लाख रुपये कमीशन देने की प्रक्रिया के दौरान यह राशि जब्त की गई थी। आंगड़िया नेटवर्क से भेजी गई अवैध रकम को बेंगलुरु की पेंथियान बिल्डर्स के माध्यम से संपत्ति में लगाया गया।


राजनीतिक जुड़ाव और मामले में कानूनी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि सिंडिकेट से जुटाए गए करीब 860 से 880 करोड़ रुपये रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचाए गए थे। ईडी के अनुसार यह राशि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की निगरानी में भेजी गई थी, जिसमें 9.06 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। वर्तमान में अरुणपति त्रिपाठी न्यायिक अभिरक्षा में हैं, जबकि बीआर लोहिया विदेश में फरार हैं और उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए इंटरपोल का सहयोग लिया जा रहा है। बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के अनुसार चालान में कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है और अदालत में अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को तय की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed