फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Chhapra's Akilpur Panchayat submerged due to the Ganga's fury; normal life thrown out of gear.

बिहार में गंगा का प्रचंड रूप: यहां भीषण बाढ़ से जन-जीवन हो रहा बुरी तरह प्रभावित, आठ गांवों में घुसा पानी

Fri, 04 Sep 2026 03:17 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Fri, 04 Sep 2026 03:17 PM IST
सार

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से पटना के दानापुर और सारण के अकिलपुर पंचायत में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। पंचायत के सभी आठ गांव जलमग्न हैं और आवागमन ठप होने से लोग पलायन को मजबूर हैं। थाना परिसर में भी पानी घुस गया है और सैकड़ों जब्त वाहन डूब गए हैं।

विज्ञापन
Chhapra's Akilpur Panchayat submerged due to the Ganga's fury; normal life thrown out of gear.
सारण के अकिलपुर थाना सहित आठ गांव में घुसा पानी

विस्तार

पटना के दानापुर और सारण जिले के गंगा दियारा क्षेत्र में स्थित एकमात्र अकिलपुर पंचायत में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से स्थिति भयावह होती जा रही है। पूरा पंचायत धीरे-धीरे जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच चुका है। पंचायत के सभी आठ गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर चुका है।

विज्ञापन

इस प्राकृतिक आपदा के कारण आम लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह बेपटरी हो गया है। पंचायत में आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाने के कारण संपर्क टूट गया है। कई जगहों पर लोग अपने घरों और इलाकों में पूरी तरह घिर गए हैं, जिसके बाद मजबूरन उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।

विज्ञापन

परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि हरकत में आ गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासनिक पहल तेज कर दी गई है। अकिलपुर से दिघवारा आने-जाने के लिए प्रशासन की ओर से फिलहाल आठ नावें उपलब्ध कराई गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वकील राय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत में बाढ़ के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि प्रभावित लोगों को युद्ध स्तर पर प्रशासनिक सहयोग मिले, ताकि किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।

प्रभावित गांव और ठप पड़ा सरकारी कामकाज
सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के अंतर्गत दूधिया, बतौली, बभनगामा, सलहली, बंगला पर और अकिलपुर समेत पंचायत के सभी आठ गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल चुका है। पानी के बढ़ते दबाव से घबराए लोग अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सारण के दिघवारा और पटना के दानापुर की ओर पलायन कर रहे हैं।

पंचायत में स्थित कई सरकारी कार्यालयों और भवनों में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है। अधिकांश सरकारी विद्यालयों में जलभराव के चलते बच्चों की पढ़ाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है।

सड़कों पर पानी बहने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित है। लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए छोटी नावों या बांस-बल्लियों के सहारे बनाए गए अस्थायी साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को लेकर ऊंचे बांधों या सड़कों के किनारे डेरा जमाने लगे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें समय पर सरकारी सहायता और राहत उपलब्ध कराई जा सके।

भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं का संकट
अकिलपुर पंचायत में इस वक्त जिधर नजर जाती है, उधर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। लोग अपने घरों के कमरों में दुबकने को मजबूर हैं और जिन घरों में पानी घुस गया है, वहां के लोग छतों या अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।

घर की रसोई में पानी भर जाने के कारण चूल्हा नहीं जल पा रहा है। ऐसे में लोगों की निर्भरता सूखे भोजन और चूड़ा-गुड़ पर सिमटकर रह गई है। इसके अलावा पालतू पशुओं के सामने चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों में लगी मक्का और मौसमी सब्जियों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों में मायूसी है। आवागमन ठप होने के कारण बाढ़ पीड़ितों को समय पर चिकित्सीय सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे बीमार और बुजुर्ग लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

ये भी पढ़ें- झारखंड: 'जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’, आरक्षण पर रामदास अठावले का बड़ा बयान

अकिलपुर थाने में भी घुसा पानी, जब्त वाहन डूबे
बाढ़ की विभीषिका से प्रशासनिक संस्थान भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। अकिलपुर थाना परिसर के चारों तरफ बाढ़ का पानी फैल चुका है और थाने का अंदरूनी हिस्सा भी जलमग्न हो गया है। थाना परिसर में सुरक्षा कारणों से रखे गए सैकड़ों जब्त वाहन बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। पानी भर जाने के कारण पुलिसकर्मियों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यदि जलस्तर में वृद्धि का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो थाने के भवनों को पूरी तरह खाली करना पड़ सकता है और किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर अस्थायी रूप से थाने का संचालन करना पड़ सकता है। थाने के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ा है। हालांकि, संकट की इस घड़ी में स्थानीय ग्रामीण पुलिसकर्मियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

सारण के अकिलपुर थाना सहित आठ गांव में घुसा पानी

सारण के अकिलपुर थाना सहित आठ गांव में घुसा पानी

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed