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मिसाल बनी शादी: एक-दूसरे के दर्द को समझा, बने जीवनसाथी; मुजफ्फरपुर की दिव्यांग जोड़ी की शादी चर्चा में

Sat, 05 Sep 2026 05:16 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 05:16 PM IST
सार

मुजफ्फरपुर में दिव्यांग मो. इम्तियाज और नजमा परवीन की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। व्हीलचेयर से चलने वाले इम्तियाज ने दिव्यांग युवती से शादी कर मिसाल पेश की है।

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Muzaffarpur Bihar news :couple both the differently abled have united groom said so what if she cannot speak
दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

विस्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के रहने वाले मो. इम्तियाज और नजमा परवीन एक-दूसरे के हमसफर बन गए हैं। दोनों  इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। मुजफ्फरपुर की इस दिव्यांग जोड़ी को आशीर्वाद देने के लिए आम लोगों के साथ-साथ अधिकारी भी पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को बधाई दी।

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पेशे से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले मो. इम्तियाज की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। अब वह दूल्हा बन चुके हैं और कहते हैं कि आज उनकी जिंदगी में खुशियों का बड़ा पल आया है। इम्तियाज बताते हैं कि जब वह चार-पांच साल के थे, तभी दिव्यांग हो गए थे। उस समय उन्हें कुछ समझ नहीं आता था। दूसरे बच्चों को देखकर मन उदास होता था और वह सोचते थे कि आगे उनकी जिंदगी कैसी होगी।

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समय के साथ जब उन्हें अपनी स्थिति की समझ हुई तो उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने मोबाइल रिपेयरिंग का कोर्स किया और राजस्थान से वापस आकर अपनी दुकान शुरू की। आज उनकी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान अच्छी चल रही है और अब उन्होंने शादी भी कर ली है।

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दिव्यांगता को समझने वाली जीवनसाथी की तलाश
मो. इम्तियाज पैरों से दिव्यांग हैं और व्हीलचेयर की मदद से चलते हैं। वहीं, उनकी पत्नी नजमा परवीन बोल नहीं सकती हैं। दोनों के विवाह से न केवल परिवार और गांव के लोग खुश हैं, बल्कि लड़की पक्ष भी इस रिश्ते से काफी संतुष्ट है।

इम्तियाज का कहना है कि उन्होंने दिव्यांग लड़की से शादी करने का फैसला सोच-समझकर लिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति के दर्द को वही बेहतर समझ सकता है, जो खुद उस दर्द से गुजरा हो। उनका मानना है कि दोनों एक-दूसरे की तकलीफ और भावनाओं को समझते हुए जीवन की मुश्किलों को मिलकर बांट सकते हैं। इम्तियाज ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी नजमा से काफी उम्मीदें हैं। वह बोल नहीं सकती हैं, लेकिन स्वस्थ हैं और उनकी भावनाओं व तकलीफ को समझ सकती हैं। उन्होंने कहा कि यही उनके लिए खुशी का सबसे बड़ा पल है।



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शादी में पहुंचे अधिकारी, दिया आशीर्वाद
मो. इम्तियाज ने बताया कि उनकी शादी में कई लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि थाना अध्यक्ष भी शादी में पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद दिया। बीडीओ के भी आने की उम्मीद थी, लेकिन छुट्टी होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।इम्तियाज ने कहा कि आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि अधिकारी भी उनकी शादी में आकर उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब दोनों की जिंदगी खुशहाल रहेगी और वे एक-दूसरे का साथ निभाते हुए आगे बढ़ेंगे।

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

 

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

 

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

दो दिव्यांग हुए एक गांव में चर्चा

 

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