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कनाडा सैन्य अड्डा अग्निकांड: पीएम कार्नी बोले- चार सैनिकों ने गंवाई जान, दर्जनों घायल; क्या पता लगी आग की वजह?

Sun, 18 Oct 2026 11:17 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा

सार

कनाडा के अल्बर्टा स्थित वैनराइट सैन्य अड्डे पर आग लगी थी। मामले अब पीएम कार्नी ने बताया कि चार सैनिकों की मौत हो गई और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए। अस्पतालों में आपात व्यवस्था करनी पड़ी और घायलों को दूसरे शहरों में भेजा गया। सेना ने आतंकवाद के संकेत नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन आग की वजह स्पष्ट नहीं है। आखिर प्रशिक्षण के दौरान आग कैसे लगी? क्या तेज हवाओं ने बचाव अभियान को और मुश्किल बनाया? आइए, विस्तार से जानते हैं कि पीएम कार्नी ने क्या कुछ कहा...

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पीएम कार्नी ने बताया कनाडा के सैन्य अड्डे पर आग से चार सैनिकों की मौत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर लगी भीषण आग ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार को बताया कि इस हादसे में चार सैन्यकर्मियों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आग शनिवार को कनाडाई सेना के वैनराइट सैन्य अड्डे पर लगी थी। उस समय सैनिक सैन्य प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे थे। तेज हवाओं के कारण आग सैन्य अड्डे से बाहर आसपास के ग्रामीण इलाकों तक फैल गई। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के पीछे आतंकवाद होने के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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सैन्य अड्डे पर आग कैसे लगी और कितने लोग प्रभावित हुए?
प्रधानमंत्री कार्नी ने बताया कि आग लगने के समय सैन्यकर्मी प्रशिक्षण ले रहे थे। मृत चार सैनिकों के परिवारों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। घायलों की सही संख्या तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। घायलों का इलाज वैनराइट, एडमंटन, रेड डियर और कैलगरी के अस्पतालों में किया जा रहा है। प्रभावित सैनिकों में रिजर्व सैन्यकर्मी और कनाडा की प्रतिष्ठित रेजिमेंट प्रिंसेस पेट्रीशिया कैनेडियन लाइट इन्फैंट्री के जवान भी शामिल हैं। ये सैनिक देश के अलग-अलग सैन्य अड्डों से प्रशिक्षण के लिए वैनराइट पहुंचे थे। कार्नी ने इसे देश की जमीन पर शांतिकाल में सेना के साथ हुई सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक बताया। उन्होंने मृतकों और घायलों के सम्मान में देशभर की संघीय इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने की घोषणा की।

अस्पतालों में आपात स्थिति क्यों घोषित करनी पड़ी?
आग के बाद बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पतालों में पहुंचाया गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा। अल्बर्टा के कई अस्पतालों ने ‘कोड ऑरेंज’ घोषित किया। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज के लिए आपात व्यवस्था करनी पड़ रही है। एडमंटन के रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सक वॉरेन थिर्स्क ने बताया कि घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि शहर के अस्पतालों पर असाधारण दबाव पड़ गया। एडमंटन क्षेत्र में एंबुलेंस की उपलब्धता भी बेहद कम हो गई थी। अधिकारियों ने लोगों से संभव होने पर यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाने से बचने की अपील की। वैनराइट के मेयर ब्रूस प्यू ने कहा कि स्थानीय अस्पताल इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए नहीं बना था। घायलों को हेलीकॉप्टर और विमानों से दूसरे अस्पतालों में भी भेजा गया।
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क्या आग के पीछे आतंकवाद का शक है और जांच में क्या सामने आया?
कनाडाई सेना ने कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे यह घटना आतंकवादी हमले का नतीजा लगती हो। हालांकि, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस को शनिवार शाम करीब चार बजे सैन्य अड्डे के प्रशिक्षण क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी ने बताया कि पुलिस जांच में शामिल है और स्थिति बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि अधिकारी घटना की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। शनिवार को अल्बर्टा के कई इलाकों में तेज हवाएं चली थीं, जिनकी रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इन हवाओं से पेड़ गिरे और सड़क पर लगे संकेतक भी उड़ गए। रात करीब 11 बजे स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग पर काबू पाने की स्थिति बन रही है और संपत्ति तथा जरूरी बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा गया है। आसपास के निवासियों के लिए निकासी का आदेश जारी नहीं किया गया था।

आग से स्थानीय प्रशासन और मतदान व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
हादसे के बाद अल्बर्टा को दूसरे प्रांतों से मदद की पेशकश की गई। सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो ने सहायता भेजने की घोषणा की। अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने घटना को गंभीर और दुखद बताया। प्रधानमंत्री कार्नी ने आग बुझाने में जुटे दमकलकर्मियों और बचाव दलों की सराहना की। कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिव्रे ने भी प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन जताया और लोगों से आपात निर्देशों का पालन करने तथा बचाव दलों के लिए सड़कें खाली रखने की अपील की। इस आग का असर सोमवार को होने वाले अल्बर्टा के जनमत संग्रह से पहले मतदान पर भी पड़ा। वैनराइट कम्यूनिप्लेक्स में अग्रिम मतदान केंद्र शनिवार को समय से पहले बंद करना पड़ा। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि मतपत्र और मतदान सामग्री सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह पहुंचा दी गई। मतदाताओं के लिए लॉयडमिंस्टर और वर्मिलियन के मतदान केंद्रों को वैकल्पिक विकल्प के रूप में बताया गया।
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