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Iran Attack on America: ईरान ने इन तीन देशों में ही अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर क्यों बरसाईं मिसाइलें?

Tue, 24 Jun 2025 02:59 AM IST
सत्यम दुबे वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए सोमवार रात को कतर स्थित अमेरिका के अल-उदीद सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर की राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है। दोहा के अलावा ईरान ने इराक और सीरिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है।

आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं। इनमें सबसे प्रमुख ठिकाने कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं। यह सभी देश ईरान से सिर्फ फारस की खाड़ी के फासले पर मौजूद हैं। सोमवार रात को ईरान ने कतर, सीरिया और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि अमेरिका के लिहाज से इन सैन्य अड्डों का क्या महत्व है? 

अमेरिका का पश्चिम एशिया में सबसे बड़ा सैन्य बेस 1996 में स्थापित किया गया था। यह बेस 60 एकड़ के इलाके में फैला है और यहां एक बार में 100 एयरक्राफ्ट खड़े किए जा सकते हैं। इस बेस में करीब 10 हजार सैनिक भी तैनात हैं, जो कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड का हिस्सा हैं और इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की रीढ़ रहे हैं। ईरान ने इसी बेस को निशाना बनाने की कोशिश की है। लेकिन इस हमले को लेकर कतर का कहना है कि उसने सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया था।

कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार 10 में से 9 मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया है। जबकि एक मिसाइल खुले इलाके में गिरी है। कतर ने बताया है कि इन हमलों में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। अमेरिकी वायुसेना इन एयरबेस को हवाई अभियानों के लिए इस्तेमाल करती है। यह ठिकाना उत्तरी इराक और सीरिया में अभियान चलाने के लिए अहम है। अमेरिका इसके जरिए इन क्षेत्रों में मौजूद कुर्दिश लड़ाकों और इराकी सेना की मदद करती है।

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