26 जनवरी 2026 की सुबह जब दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन कर रहा था, तब मुख्य अतिथि की कुर्सी पर बैठीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी महज एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी। यह इस बात का ऐलान था कि 21वीं सदी में भारत अब केवल एक 'बाज़ार' नहीं, बल्कि दुनिया का 'रणनीतिक ध्रुव' बन चुका है। देखिए वीडियो...