वाराणसी में सोमवार की देर शाम से हो रही बारिश मे बीएचयू अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं। पूरा अस्पताल तालाब बन गया। मंगलवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी जाने वाले रास्ते के साथ ही खून जांच काउंटर, पर्ची, दवा काउंटर वाले रास्ते पर एक फ़ीट से ज्यादा पानी भरा रहा। इस कारण स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं जा सका। लोग मरीजों को कंधे पर बिठाकर ओपीडी, इमरजेंसी पहुंचे। यह पहली बार नहीं है। हर वर्ष बारिश के मौसम में अस्पताल की यही स्थिति देखने को मिलती है। यहाँ हर दिन यूपी, बिहार, झारखण्ड आदि जगहों से करीब 6,000 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहाँ मरीजों की भारी भीड़ के मुकाबले अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आती हैं। हर वर्ष अस्पताल के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का बजट आता है, लेकिन सवाल यह है कि इतना बड़ा बजट होने के बावजूद बारिश में मरीजों और उनके परिजनों को इतनी परेशानी क्यों उठानी पड़ती है?