रेलवे की कार्यदायी एजेंसी ने शनिवार को रोड ब्लॉक लेकर सरैया आरओबी पर गर्डर रखने का कार्य दिल्ली से लाई गई क्रेन से कराया। इस दौरान दिन भर में दो गर्डर ही रखे जा सके। जबकि आठ गर्डर रखे जाने का कार्य होना है। लखनऊ से आए उत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर (ब्रिज) आशीष वर्मा की देखरेख में कार्य कराया गया। वहीं, आरपीएफ की मौजूदगी न होने के कारण रोक के बावजूद कार्यस्थल से राहगीर जान जोखिम में डालते हुए निकलते रहे। मालूम हो कि 48 घंटे के लिए रेलवे की ओर से सरैया आरओबी पर चार गर्डर रखने के लिए रोड ब्लॉक लिया गया है। इस कारण इस ओर से आने जाने वाले वाहनों को गंगा बैराज के ट्रांस गंगा सिटी से सहजनी होकर कानपुर-उन्नाव के लिए निकाला जा रहा है। सुबह करीब 11:30 बजे से गर्डर रखने का कार्य क्रेन की मदद से शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे लखनऊ से पहुंचे डिप्टी चीफ इंजीनियर ने कार्यदायी एजेंसी गिरिराज कंट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर बलराम यादव से कार्य की रूपरेखा की जानकारी ली और कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सुपरवाइजर ने उन्हें बताया कि जुलाई अंत तक रेलवे के हिस्से का कार्य लगभग पूरा कर लिया जाएगा। सुपरवाइजर ने चीफ इंजीनियर से यह भी बताया कि रेलवे पुलिस की मौजूदगी न होने के कारण आम राहगीर मनमानी करते हुए यहां से रोक के बावजूद निकल रहे हैंं। जबकि कार्यस्थल पर भारी कार्य हो रहा है। आरपीएफ उन्नाव प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि रविवार से पूरे दिन की ड्यूटी रेल पुलिस की लगाई जाएगी। आज भी लगाई गई थी कोई मौजूद नहीं रहा, इसे दिखवाया जाएगा।