विकास खंड के गौरीककरा ग्राम पंचायत में वर्ष 2022 में बड़ी उम्मीदों के साथ बनाया गया अमृत सरोवर अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आबादी से काफी दूर सुनसान इलाके में होने के कारण यह सरोवर अब असामाजिक तत्वों और दारूबाजों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है। शाम ढलते ही यहां शराबियों की महफिलें सजने लगती हैं, जिसका प्रमाण तालाब के भीतर पड़ी सैकड़ों खाली शराब की बोतलें हैं। भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को पूरा सरोवर पूरी तरह सूखा पाया गया, जिससे जल संरक्षण का उद्देश्य विफल साबित हो रहा है। हालांकि अभी फुटपाथ और बेंच सुरक्षित हैं, लेकिन तालाब के किनारों पर हो रहे मिट्टी के कटान ने भविष्य में इनके ढहने का खतरा पैदा कर दिया है।