भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण और पैमाइश की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व सटीक बनाने के लिए राजस्व विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। तहसील क्षेत्र में अब जमीन की पैमाइश पारंपरिक जरीब यानी लोहे की चेन के बजाय अत्याधुनिक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम यानी जीएनएसएस रोवर मशीन की सहायता से की जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न सिर्फ पैमाइश में होने वाली मानवीय गलतियों और पक्षपात की गुंजाइश खत्म होगी, बल्कि बरसों से लंबित पड़े जमीनी विवादों का भी फटाफट निपटारा हो सकेगा। आइए सुनते है उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने पूरे मामले मे क्या कहा?