नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह बातें साहित्यकार डॉ. ऋचा राय ने शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राइफल क्लब में मीडियाकर्मियों से कहीं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है, जिसे संतुलित करने के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक था। यह कानून महिलाओं को लोकसभा, राज्यसभा एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा। डॉ. बीती सिंह ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को समाज में सम्मान और पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तो स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे समाज का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। अधिवक्ता ज्योत्सना श्रीवास्तव ने अधिनियम के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों के तहत मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को न्याय और समानता के अधिकारों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का अवसर मिलेगा। उन्होने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे आती हैं तो वह किसी भी समस्या का समाधान भावनात्मक रूप से करती हैं हमारे देश में जितना महिला नेतृत्व बढ़ेगा उतना ही हमारा देश विकसित होगा। महिला ही नींव बनाती है कि हमारा भविष्य कैसा होगा हमारे देश का भविष्य कैसा होगा, जितना महिलाएं आगे आएंगी उतना ही हमारा देश तरक्की करेगा। इस अधिनियम में सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर मिलेगा। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी, सूचना अधिकारी राकेश कुमार, सहायक पर्यटक अधिकारी राम कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।