राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रात 12 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर कृष्ण जन्म की बधाइयों से गूंज उठा। इस दौरान कुंज बिहारी की लीलाओं और गीता के अमर श्लोकों का भी स्मरण किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रामलला को डेढ़ कुंतल पंजीरी, 50 किलो चरणामृत और छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण भी किया गया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु और संत कृष्ण जन्मोत्सव के उल्लास में डूबे नजर आए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी। इसके बाद करीब एक घंटे तक पदगान हुआ। जन्माष्टमी के बाद शनिवार से राम मंदिर की शृंगार आरती में भी नई परंपरा शुरू हुईं । अब शृंगार आरती के साथ नियमित रूप से पदगान भी किया जाएगा। इस तरह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू हुआ पदगान रामलला की शृंगार आरती का भी हिस्सा बनेगा।