भगवान शिव को प्रिय सावन माह शुरू होते ही कांवड़ियों सेे मार्ग गुंजायमान होने लगे हैं। हर हर बम बम के उद्घोष संग कांवड़िये गंतव्य को रवाना हुए। गंगा जल के भारी भरकम कलश से शरीर लचक रहे हैं, लेकिन भगवान शिव की भक्ति तन के कष्टों पर भारी पड़ रही है। कांवड़ लेकर अपनी मंजिल तय कर रहे बुलंदशहर के परवाना गांव और फरीदा निवासी कांवड़ियों का जत्था बृहस्पतिवार सुबह 8 बजेे शहवाजपुर डोर मार्ग पर पहुंचा। जत्थे में 13 कांवड़िये शामिल हैं। जिनमें विनय रेलवे की तैयारी कर रहे हैं, जबकि हिमांशु डीजे संचालक हैं। रिंकू, गौरव, सोनू, दुष्यंत, आकाश, कुलदीप, भवनीश आदि कांवड़ियों ने बताया कि वह 17 जुलाई को कलश रूपी कांवड़ में गंगा जल भरकर हरिद्वार से रवाना हुए। यहां तक पैदल चल कर आए हैं। आगे भी पैदल ही जाएंगे। 13 कांवड़ियों पर 54 कलश हैं। एक कांवड़ में 8 कलश में 101 लीटर और दूसरी कांवड़ के 8 कलश में 121 लीटर गंगा जल हैै। पैदल मंजिल तय करते हुए 11 अगस्त को अपने निकट के मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। हर हर बम बम के उद्घोष संग मंजिल तय कर रहे कांवड़ियों पर भगवान शिव की भक्ति का रंग साफ दिखाई दे रहा था।