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VIDEO: 1603 स्कूलों में शुरू हुई सत्रीय परीक्षा, परखी जा रही बच्चों की सीखने की क्षमता

अमेठी सिटी। जिले के 1570 परिषदीय और 33 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बुधवार से शैक्षिक सत्र 2026-27 की पहली सत्रीय परीक्षा शुरू हो गई। करीब 1.29 लाख विद्यार्थी हैं। विद्यालय स्तर पर उपस्थिति दर्ज कराकर परीक्षा कराई गई। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों की जुलाई तक की शैक्षिक प्रगति और अधिगम स्तर का आकलन करना है। कक्षा एक से पांच तक विद्यार्थियों की सभी विषयों की मौखिक परीक्षा कराई गई। वहीं कक्षा छह से आठ तक पहली पाली में बेसिक क्राफ्ट, कला, कृषि और गृह विज्ञान तथा दूसरी पाली में खेल एवं शारीरिक शिक्षा और स्काउटिंग की परीक्षा हुई। जुलाई तक पढ़ाए गए मासिक पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पूछे गए। कक्षा छह से आठ तक की लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किए। मॉडल प्राथमिक विद्यालय मिसरौली में पहली पाली में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों से गणित, हिंदी और संस्कृत के मौखिक सवाल पूछे गए। गणित में पहाड़े तथा सीधी-उल्टी गिनती के साथ अन्य प्रश्नों के जवाब बच्चों ने दिए। मॉडल कंपोजिट विद्यालय पचेहरी में प्रधानाध्यापक रमाशंकर यादव की मौजूदगी में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की मौखिक और लिखित परीक्षाएं कराई गईं। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि परीक्षा का मकसद केवल अंक देना नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने के स्तर की पहचान करना है। अपेक्षित अधिगम स्तर से पीछे रहने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर अतिरिक्त अभ्यास, उपचारात्मक शिक्षण और विशेष पुनरावृत्ति सत्र चलाए जाएंगे।

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