जलाली पशु चिकित्सालय पर केवल पशु चिकित्सक डा मिथलेश कुमारी ही तैनात हैं, जबकि वेटनरी फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पद आज भी खाली पड़े हैं। 18 किमी तक 45 गांव पर एक पशुचिकित्सक ही है। क्षेत्र में 7 पैरावेट हैं जिसके द्वारा विस्तृत क्षेत्र में वेक्सिनेशन से लेकर कृत्रिम गर्भाधान का काम लिया जाता है।