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Sukhbir Badal Attack: Z+ सिक्योरिटी के बावजूद हमलावर कैसे पहुंचा? 2 साल में दूसरा हमला

Fri, 14 Aug 2026 05:33 PM IST
Chandra Prakash Neeraj Video Desk Amar Ujala Dot Com

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब के पास हुए हमले ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुखबीर बादल को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन दिसंबर 2024 में अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब और अब नांदेड़ में उन तक हमलावरों के पहुंचने के बाद सुरक्षा की कई परतों की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। Z+ देश की सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणियों में शामिल है। इसमें प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों और कमांडो की तैनाती खतरे के आकलन, कार्यक्रम और स्थान की परिस्थितियों के अनुसार की जाती है। किसी भी संरक्षित व्यक्ति की सुरक्षा केवल सुरक्षाकर्मियों की संख्या पर निर्भर नहीं करती, बल्कि कार्यक्रम से पहले खतरे का आकलन, स्थल की जांच, प्रवेश-निकास पर निगरानी, भीड़ नियंत्रण और स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय भी अहम होता है। धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती और बढ़ जाती है। खुले परिसर, बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सेवादारों की मौजूदगी और धार्मिक मर्यादाओं के कारण किसी संरक्षित व्यक्ति को आम लोगों से पूरी तरह अलग रखना आसान नहीं होता। खासकर जब कोई नेता धार्मिक सेवा या कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच मौजूद हो, तब सुरक्षा घेरे और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। दोनों घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्यक्रम से पहले सुरक्षा खतरे का पर्याप्त आकलन किया गया था या नहीं। स्थानीय पुलिस, सुरक्षाकर्मियों और खुफिया तंत्र के बीच समन्वय कितना प्रभावी था, प्रवेश-निकास पर निगरानी कैसी थी और भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए क्या व्यवस्था की गई थी—इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।

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