मध्य प्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय पर मंगलवार दोपहर बड़ी संख्या में महिलाएं अवैध शराब की बिक्री के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। करीब 10 से 12 गांवों की महिलाओं ने गांवों में बिक रही कच्ची और पक्की शराब के खिलाफ रैली निकाली। इस दौरान महिलाओं ने जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया।
महिलाओं का कहना था कि गांवों में खुलेआम शराब बिकने से घरों में आए दिन विवाद हो रहे हैं। पति और बच्चे घर से पैसे और सामान चोरी कर उन्हें बेचकर भी शराब पी रहे हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि भी कई बार पति झगड़ा कर छीन लेते हैं और उसे शराब पीने में खर्च कर देते हैं।
महिलाओं ने कहा कि गांवों में छोटी-छोटी किराना दुकानों और टपरियों में अवैध शराब बेची जा रही है। इस संबंध में वे जनसुनवाई के दौरान नशा मुक्ति अभियान से जुड़ी समिति के माध्यम से जिला कलेक्टर को शिकायत करती हैं। महिलाओं का आरोप है कि कलेक्टर आबकारी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हैं, लेकिन कार्रवाई के दौरान उन्हें अवैध शराब नहीं मिलती।
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ज्ञापन देने पहुंची ममता मोरे ने बताया कि मंगलवार को छह पंचायतों की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध शराब घरों के आसपास बनाए गए गड्ढों में छिपाकर रखी जाती है, जिसकी जानकारी गांव की महिलाओं को होती है। महिलाओं द्वारा अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद कई बार संबंधित स्थानों पर कार्रवाई नहीं की जाती।
ममता मोरे ने आरोप लगाया कि जब महिलाएं आबकारी अमले को गड्ढों में छिपाई गई शराब के बारे में बताती हैं, तो अधिकारी वहां कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही डराते हैं और सभ्यता से बात करने की नसीहत देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महिलाएं अपने वोट से नेताओं को चुनती हैं और अब नारी शक्ति के बल पर वे अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। ममता मोरे ने कहा कि महिलाओं की मांग कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। प्रशासन को जमीन पर कार्रवाई करनी चाहिए और गांवों में बिक रही अवैध शराब पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।
खंडवा एडीएम काशीराम बड़ोले ने बताया कि करीब 12 गांवों की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री की शिकायत लेकर पहुंची थीं। उन्हें जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही महिलाओं की शिकायत का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।