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Rajasthan Congress Meeting In Delhi : खरगे- राहुल से मिले सचिन पायलट, इन मुद्दों पर हुई खुलकर बात!

Fri, 30 Jan 2026 03:30 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

कांग्रेस संगठन और राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसे आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और राजस्थान सहित देश की समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है;


 यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस पार्टी राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने, आंतरिक मतभेदों को सुलझाने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश कर रही है, वहीं सचिन पायलट लंबे समय से युवाओं, किसानों और वंचित वर्गों के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं और संगठन में उनकी भूमिका को लेकर समय-समय पर चर्चाएँ होती रही हैं; खरगे और राहुल गांधी से हुई इस बैठक में राजस्थान की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक ढांचे में सुधार, कार्यकर्ताओं की भागीदारी, आगामी चुनावों की तैयारी तथा भाजपा सरकारों की नीतियों के खिलाफ प्रभावी विपक्ष की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, साथ ही यह भी माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व और पायलट के बीच संवाद का यह दौर कांग्रेस के भीतर एकजुटता और समन्वय का संदेश देने के उद्देश्य से भी अहम है; 

इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व सभी वरिष्ठ और युवा नेताओं के सुझावों को गंभीरता से सुन रहा है और संगठन को मजबूत करने के लिए सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बैठक कांग्रेस के उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें वह आंतरिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर लड़ाई लड़ना चाहती है; वहीं सचिन पायलट की इस सक्रियता को उनके बढ़ते राष्ट्रीय कद और संगठन में जिम्मेदार भूमिका के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि राहुल गांधी पहले भी युवाओं और नए नेतृत्व को आगे लाने की बात कर चुके हैं; कुल मिलाकर, खरगे और राहुल गांधी से सचिन पायलट की यह मुलाकात कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती, राजनीतिक संतुलन और भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में पार्टी की राजनीति और चुनावी दिशा पर असर डाल सकती है।

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