उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित किक बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में नाहन के युवा खिलाड़ी यादवेंद्र सिंह चौहान ने दो कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने उतरे यादवेंद्र की इस उपलब्धि से सिरमौर में खुशी का माहौल है। नाहन पहुंचने पर आदर्श संस्था ने खिलाड़ी को उनके परिवार सहित सम्मानित किया। यादवेंद्र सिंह चौहान पिछले एक दशक से किक बॉक्सिंग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में वह कई पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं। अब पहली बार अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड कप में हिस्सा लेकर उन्होंने दो कांस्य पदक हासिल किए हैं। यादवेंद्र ने बताया कि ताशकंद में आयोजित प्रतियोगिता में 57 देशों के 3000 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छह खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में चुनौती पेश की, जिनमें चार खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। उन्होंने कहा कि देश के लिए दो पदक जीतना उनके लिए गर्व की बात है। अब उनका चयन एशियाई चैंपियनशिप के लिए भी हुआ है। यह प्रतियोगिता 12 से 21 दिसंबर तक कंबोडिया में आयोजित होगी। इस उपलब्धि पर आदर्श संस्था के राज्य अध्यक्ष अमरजीत परमार ने यादवेंद्र को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ी ने नशे से दूर रहकर खेल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि संस्था प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। नशा माफिया 18 से 24 वर्ष के युवाओं को निशाना बना रहा है। ऐसे में 12 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को नशे की चपेट में आने से बचाना संस्था का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। संस्था के जिला अध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि आदर्श संस्था राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित करती है। इस मौके पर पार्षद सीमा अत्री, पूर्व पार्षद वीरेंद्र पासी, बीएस ठाकुर, ललित कुमार और यादवेंद्र के परिजन मौजूद रहे।