गोहर उपमंडल की परवाड़ा पंचायत के ज्वाल गांव में मंगलवार दोपहर बाद अचानक लगी आग ने एक परिवार की खुशियों को राख में बदल दिया। घटना के वक्त अनूप सिंह का चार वर्षीय पोता लोकेश मकान के अंदर ही था। परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बच्चे की चीख सुनकर लोग अंदर भागे और जान जोखिम में डालकर उसे बचाया गया। अनूप सिंह पुत्र अमर सिंह निवासी ज्वाल डा परवाड़ा का छह कमरों का स्लेटपोश मकान देखते ही देखते जलकर पूरी तरह राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि साथ लगती गोशाला भी इसकी चपेट में आ गई, जिसमें बंधी तीन गाय व पांच बकरियां जिंदा जल गईं। पंचायत प्रधान जितेंद्र सिंह ने बताया कि आग घटना में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि पूरी संपत्ति कुछ ही देर में स्वाह हो गई। आग लगने से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग बाल्टियों और पाइपों से पानी डालते रहे, पर तब तक सबकुछ राख हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलते ही तहसीलदार गोहर कृष्ण चंद ने हल्का पटवारी को मौके पर भेज दिया है और नुकसान का आकलन करवाया जा रहा है। कांग्रेस नेता महेंद्र ठाकुर व ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को त्वरित राहत देने की मांग सरकार व प्रशासन से की है।