अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की प्राचीन देव परंपरा निभाने के लिए अधिष्ठात्री माता हिडिम्बा मंगलवार को मनाली से कुल्लू के लिए रवाना हो गईं। कुल्लू दशहरे में माता हिडिम्बा के आगमन को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता के बिना दशहरा उत्सव की शुरुआत नहीं होती। माता के देर शाम कुल्लू पहुंचने की संभावना जताई गई। माता हिडिम्बा के कुल्लू रवाना होने से पहले मनाली स्थित हिडिम्बा मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। माता की यात्रा के दौरान दर्शन करने के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद भी वितरित किया। कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल है। इस आयोजन में देवी-देवताओं की भागीदारी और पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष महत्व है। माता हिडिम्बा का मनाली से कुल्लू पहुंचना इसी देव परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। हर वर्ष श्रद्धालु माता की यात्रा और दशहरा उत्सव से जुड़ी रस्मों का इंतजार करते हैं।