संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल। 900 एकड़ लॉजिस्टिक हब जमीन प्रकरण में सामाजिक कार्यकर्ता तेजपाल यादव ने सोमवार आयोजित प्रेसवार्ता में बसीरपुर, तलोट और घाटाशेर के किसानों को 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने पर सवाल उठाए। यादव ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव ने कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों को कम मुआवजा दिलवाया। तेजपाल यादव ने कहा कि नारेड़ी गांव में इसी परियोजना के लिए जमीन का मुआवजा 80 लाख रुपये प्रति एकड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार किसानों को न्यूनतम 70 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बसीरपुर में 50 लाख रुपये प्रति एकड़ कलेक्टर दर वाली जमीन का मुआवजा भी सिर्फ 30 लाख रुपये मिला। तेजपाल यादव ने कहा कि मुआवजे के लिए दर मोलभाव समिति बाद में बनाई गई, जबकि 30 लाख रुपये का मुआवजा बंद कमरों में पहले ही तय कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अभय सिंह यादव ने खुद सरकार से कम से कम दर पर जमीन दिलवाने का आग्रह किया था। यादव ने आरोप लगाया कि किसानों से खाली कागजों पर हस्ताक्षर लिए गए थे, उन्हें 30 लाख रुपये के मुआवजे की जानकारी नहीं थी। इस दौरान बसीरपुर के कृष्ण प्रधान और सुरेश ने भी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिलाने का आरोप लगाया।