नारनौल। गांव दोस्तपुर में शहीद खुशीराम की वीरांगना के साथ घर में घुसकर मारपीट करने और दहशत फैलाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) नितिन राज ने चार दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी रोहित कुमार, विशाल कुमार, सुरेंद्र सिंह और राहुल कुमार पर 80-80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। अभियोजन के अनुसार 12 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी अपने साथियों के साथ दीवार फांदकर शहीद खुशीराम के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने घर में मौजूद वीरांगना के साथ मारपीट की और हथियारों के बल पर इलाके में दहशत का माहौल बना दिया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इनमें रोहित कुमार फिलहाल एक अन्य हत्या के मामले में जेल में बंद है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि घटना से पहले 7 अप्रैल 2025 को संभावित खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया और 14 अप्रैल को महापंचायत आयोजित कर एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब 15 माह में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। निर्णय के बाद पीड़िता ने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही न्याय मिलने की उम्मीद थी। अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।