शहर के पशुपालक जितेंद्र यादव ने अपनी गाय के बछड़े के जन्म पर ऐसा आयोजन किया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। पशुपालक जितेंद्र यादव ने बछड़े के जन्म के सातवें दिन छठी और कुआं पूजन की रस्में उसी तरह निभाईं, जैसे परिवार में पुत्र जन्म पर निभाई जाती हैं। इस अवसर पर करीब एक हजार लोगों को सहभोज के लिए आमंत्रित किया गया। जितेंद्र ने बताया कि उसने दो वर्ष पहले साहीवाल-गिर नस्ल की गाय खरीदी थी और उसे बेटी की तरह पाला। गाय ने बछड़े को जन्म दिया, जिसका नाम मन्नू रखा गया। छठी के अवसर पर सुबह हवन हुआ, जबकि शाम को महिलाओं ने मंगल गीतों के बीच गाय और बछड़े के साथ कुआं पूजन किया। जितेंद्र के ससुराल, कल्याणपुरा (बहरोड़) से बछड़े का छूछक भी आया, जिसमें 21 हजार रुपये नकद, पशु चारा, चुनरी और अन्य उपहार भेंट किए गए। सहभोज में देशी घी से बने व्यंजन परोसे गए। जितेंद्र ने कहा कि गाय परिवार का सदस्य है, इसलिए उसकी खुशी भी पूरे परिवार और समाज के साथ मनाई गई।