भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (एसीबी) ने बुधवार दोपहर बाद परिवहन विभाग में सहायक किशोरी कुमार को 2 लाख रुपये की रिश्चत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। किशोरी कुमार ने पानीपत के एक ट्रांसपोर्टर से आरसी रिन्युअल के नाम पर रिश्वत मांगी थी। भिवानी की टीम ने यह कार्रवाई की है। एसीबी के जांच अधिकारी जगजीत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। एसीबी को दी शिकायत में पानीपत के सेक्टर 25 पार्ट टू निवासी जोगिन्द्र सिंह ने बताया कि वह पानीपत में वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने और उनके नवीनीकरण की व्यवस्था शुरु करना चाहता था। इसके लिए उसे परिवहन आयुक्त हरियाणा चण्डीगढ़ से जरूरी अनुमति लेनी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार किशोरी कुमार उसकी स्थायी आरसी न जारी करवाने का भय दिखाकर और कार्यालय परिवहन आयुक्त हरियाणा चण्डीगढ़ की तरफ से 27 अगस्त को जारी हो चुकी पीआरसी एक्सटेंशन दिलवाने की एवज उससे दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इस शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। टीम ने उसे पाउडर लगे हुए नोट उपलब्ध करवाए। सहायक किशोरी कुमार को साउथ बाईपास पर स्कॉटिश स्कूल के पास बुलाया। यहां शिकायतकर्ता ने जैसे ही उन्हें रुपये दिए तो टीम ने उसी समय उन्हें रुपयों सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।