छत्तीसगढ़ के नेवारीकला गांव में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पहली पत्नी अमृत बाई साहू ने अपनी सौतन दया बाई सोनकर की हत्या कर दी। पति की प्रताड़ना और सौतन से विवाद इसका कारण था।
पुलिस के अनुसार, चिमन लाल साहू ने अपनी दोनों पत्नियों को अलग-अलग कमरों में रखा था। 29 जून की रात चिमन लाल अमृत बाई के साथ सोया था। रात करीब तीन बजे अमृत बाई कमरे से गायब थी। चिमन ने दया बाई के कमरे में जाकर देखा। दया बाई खून से लथपथ मृत पड़ी थी, उसका गला रेता हुआ था। पूछताछ में अमृत बाई ने बताया कि पति ने 2019 में दया बाई से दूसरी शादी की थी। पति अक्सर दया बाई के उकसावे पर मारपीट करता। इस प्रताड़ना से तंग आकर अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दया बाई को खत्म करने का फैसला किया।
29 जून की शाम चिमन लाल शराब के नशे में घर आया। रात करीब साढ़े दस बजे दया बाई अपने कमरे में अकेली सो रही थी। अमृत बाई लकड़ी का औजार लेकर कमरे में घुसी। उसने सोते हुए दया बाई के सिर पर चार बार वार किए, जिससे वह अचेत हो गई। फिर वह बाहर आई, फर्सा लेकर दोबारा घुसी और दया बाई के गले पर चार बार वार कर उसे मार डाला।
हत्या के बाद अमृत बाई ने खून से सने हथियार बिस्तर के नीचे छिपाए। उसने खून से सनी साड़ी बदली, मोबाइल बंद किया और टेकापार के खेत में रात भर इंतजार किया। सुबह वह बालोद थाने पहुंची और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया। बालोद पुलिस ने चिमन लाल की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। आरोपी के पास से खून से सनी साड़ी, मोबाइल और थैला जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।