भारत में लग्जरी कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी है। जीएसटी काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर को सरल करते हुए लग्जरी गाड़ियों पर लगने वाला कंपनसेशन सेस हटा दिया है। इसके बाद मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, जगुआर लैंड रोवर (JLR) और ऑडी जैसी कारों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
नया जीएसटी ढांचा: सिर्फ दो स्लैब और एक नया 40% टैक्स
अब जीएसटी में सिर्फ दो स्लैब रह गए हैं - 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले स्लैब खत्म कर दिए गए हैं। इसके अलावा लग्जरी और "सिन गुड्स" के लिए एक नया 40 प्रतिशत टैक्स स्लैब जोड़ा गया है।
पहले सभी पेट्रोल-डीजल (ICE) कारों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था और इसके ऊपर 1 प्रतिशत से 22 प्रतिशत तक का कंपनसेशन सेस लगाया जाता था। लग्जरी कारों के लिए यह सेस 17 प्रतिशत से 22 प्रतिशत तक होता था। जिससे कुल टैक्स 45 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता था।अब कीमतें होंगी कम
22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से नया टैक्स ढांचा लागू होगा। इसके तहत लग्जरी कारों पर कुल टैक्स 40 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा।
इसका मतलब है कि पहले जहां 45-50 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, वहां अब सिर्फ 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा। यानी 5-10 प्रतिशत की कमी सीधे गाड़ियों की कीमत में नजर आएगी।मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस टैक्स कटौती से भारत में लग्जरी कारों की मांग बढ़ेगी। खासकर पहली बार लग्जरी कार खरीदने वाले ग्राहकों की दिलचस्पी अब और बढ़ेगी।
डीलर्स का कहना है कि कम टैक्स की वजह से मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और जेएलआर जैसी कारें पहले से ज्यादा लोगों की पहुंच में आएंगी।
हालांकि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार बन चुका है, लेकिन इसमें लग्जरी कारों का हिस्सा सिर्फ 1 प्रतिशत है। लग्जरी कार कंपनियों का मानना है कि यह हिस्सा कम से कम 3 प्रतिशत तक पहुंचना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि नया जीएसटी ढांचा न सिर्फ गाड़ियों को सस्ता बनाएगा बल्कि लग्जरी सेगमेंट का विस्तार भी करेगा। जिससे कंपनियों और ग्राहकों दोनों को फायदा होगा जीएसटी काउंसिल ने गाड़ियों के लिए नया टैक्स ढांचा मंजूर कर दिया है। छोटे दोपहिया वाहनों और छोटी कारों पर टैक्स घटाकर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं मिड-साइज और बड़ी कारों को अब 40 प्रतिशत टैक्स स्लैब में डाल दिया गया है। सोशल मीडिया पर भले ही इसे लेकर भ्रम फैला हो, लेकिन बड़ी कारें खरीदने वालों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनके दाम वास्तव में कम होने वाले हैं।क्यों घटेंगे बड़ी कारों के दाम
फिलहाल, जिन कारों में 1200cc से ज्यादा पेट्रोल इंजन, 1500cc से ज्यादा डीजल इंजन और 4 मीटर से लंबा बॉडी साइज होता है, उन पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ 17-22 प्रतिशत का कंपनसेशन सेस भी लगता है। यानी कुल टैक्स का बोझ लगभग 45-50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। लेकिन नए नियम के तहत सेस पूरी तरह हटा दिया गया है। अब सिर्फ 40 प्रतिशत का फ्लैट जीएसटी देना होगा, जो पहले से कम है। अब नई दरों के हिसाब से सिर्फ 40% टैक्स लगेगा।
इसका सीधा मतलब है कि 22 सितंबर 2025 से गाड़ियों की कीमतें घटेंगी। यही फायदा लग्जरी कारों जैसे मर्सिडीज-बेंज, ऑडी, बीएमडब्ल्यू को भी होगा। पहले इन पर करीब 50% टैक्स लगता था, लेकिन अब सिर्फ 40% लगेगा।उदाहरण के तौर, अगर कोई खरीदार 1200cc से ज्यादा पेट्रोल या 1500 सीसी से ज्यादा की डीजल कार खरीद रहा है, और अगर कार की कीमत 15 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है तो उस पर अब कितना टैक्स देना पड़ेगा?
केस 1: पुराना टैक्स 45% था
अगर टैक्स 45% था तो:
बेस प्राइस = 15,00,000 ÷ 1.45 = ₹10,34,483 (लगभग)
अब नया टैक्स = 40%
नई कीमत = 10,34,483 × 1.40 = ₹14,48,276 (लगभग)
यानी कीमत में करीब ₹51,724 की कमी।
केस 2: पुराना टैक्स 50% था
अगर टैक्स 50% था तो:
बेस प्राइस = 15,00,000 ÷ 1.50 = ₹10,00,000
अब नया टैक्स = 40%
नई कीमत = 10,00,000 × 1.40 = ₹14,00,000
यानी कीमत में करीब ₹1,00,000 की कमी।
नतीजा:
अगर पहले 45% टैक्स था तो नई कीमत लगभग ₹14.48 लाख होगी।
अगर पहले 50% टैक्स था तो नई कीमत लगभग ₹14 लाख होगी।
किसानों के लिए राहत की खबर है। अब ट्रैक्टर (सिर्फ बहुत हाई इंजन कैपेसिटी वाले रोड ट्रैक्टर को छोड़कर) और उनके पार्ट्स जैसे टायर, ब्रेक, रेडिएटर और क्लच पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा। ऑटो रिक्शा यानी थ्री-व्हीलर्स पर भी टैक्स घटाकर 18% कर दिया गया है।