फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, घाट किनारे बढ़ी हलचल, सामान शिफ्ट किया गया

Tue, 01 Jul 2025 10:41 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए अब घाट किनारे के पुरोहित अपने सामान समेटने लगे हैं। दशाश्वमेध घाट के किनारे लगी लोहे की बल्लियां हटा दी गई। बता दें कि हर साल इन्हें बाढ़ के पहले हटाया जाता है।  गंगा का जलस्तर 36 घंटे में 2.63 मीटर बढ़ चुका है।
 
विज्ञापन
सामान शिफ्ट करते लोग - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गंगा क़े तेजी से बढ़ते हुए जल स्तर क़े कारण आज गंगा सेवा निधि ने आरती के स्थान पर लगी लोहे की बल्लियों को शिफ्ट किया। इसके अलावा किनारे पर रखे सामान को भी हटाया गया। जानकारी के अनुसार हर साल बाढ़ के पहले किनारे पर हलचल बढ़ जाती है।

विज्ञापन


सामान पानी के बढ़ाव को देखते हुए शिफ्ट किए जाते हैं इस बार भी आरती के स्थान पर जो भी सामान है उसे हटाया गया है और अगर गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो आरती का स्थल भी बदलना पड़ेगा। जल के बढ़ाव को देखते हुए जल पुलिस ने अपील किया कि स्नान करते समय लोग सतर्कता बरतें। 

बता दें कि जिले में गंगा का जलस्तर 36 घंटे में 2.63 मीटर बढ़ गया। पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, दशाश्वमेध घाट के आरती स्थल के नजदीक गंगा की धारा पहुंच चुकी है। गंगा के जलस्तर में इसी रफ्तार से बढ़ोतरी हुई तो जल्द गंगा आरती का स्थल बदल जाएगा। फिलहाल, दशाश्वमेध घाट की 15 सीढि़यां डूब चुकी हैं और आरती स्थल के पास पानी पहुंच चुका है।
विज्ञापन


केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 61.95 मीटर पर आ गया। जबकि सोमवार की सुबह 6 बजे तक जलस्तर 59.32 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि, ये चेतावनी बिंदु से 8.31 मीटर नीचे है। अस्सी और सामनेघाट के सामने रेत के टीले का दो तिहाई हिस्सा गंगा में जलमग्न हो चुका है।

तुलसीघाट के आगे की मिट्टी और रेत गंगा में डूब गई है और अस्सी के सामने भी मिट्टी का दो तिहाई जमाव कट गया है। वहीं, भदैनी, जानकी घाट, केदार घाट, पंचगंगा घाट, ललिता घाट, मान सिंह, दरभंगा घाट की सीढि़यों तक पानी आ गया है। अगर गंगा इसी रफ्तार से बढ़ी तो अगले सप्ताह तक गंगा के घाटों का संपर्क टूट सकता है। घाटों पर खड़ी नावों और बजड़ों को पीछे खिसका लिया गया है।
विज्ञापन








 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें