गंगा क़े तेजी से बढ़ते हुए जल स्तर क़े कारण आज गंगा सेवा निधि ने आरती के स्थान पर लगी लोहे की बल्लियों को शिफ्ट किया। इसके अलावा किनारे पर रखे सामान को भी हटाया गया। जानकारी के अनुसार हर साल बाढ़ के पहले किनारे पर हलचल बढ़ जाती है।
सामान पानी के बढ़ाव को देखते हुए शिफ्ट किए जाते हैं इस बार भी आरती के स्थान पर जो भी सामान है उसे हटाया गया है और अगर गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो आरती का स्थल भी बदलना पड़ेगा। जल के बढ़ाव को देखते हुए जल पुलिस ने अपील किया कि स्नान करते समय लोग सतर्कता बरतें।
बता दें कि जिले में गंगा का जलस्तर 36 घंटे में 2.63 मीटर बढ़ गया। पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, दशाश्वमेध घाट के आरती स्थल के नजदीक गंगा की धारा पहुंच चुकी है। गंगा के जलस्तर में इसी रफ्तार से बढ़ोतरी हुई तो जल्द गंगा आरती का स्थल बदल जाएगा। फिलहाल, दशाश्वमेध घाट की 15 सीढि़यां डूब चुकी हैं और आरती स्थल के पास पानी पहुंच चुका है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 61.95 मीटर पर आ गया। जबकि सोमवार की सुबह 6 बजे तक जलस्तर 59.32 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि, ये चेतावनी बिंदु से 8.31 मीटर नीचे है। अस्सी और सामनेघाट के सामने रेत के टीले का दो तिहाई हिस्सा गंगा में जलमग्न हो चुका है।
तुलसीघाट के आगे की मिट्टी और रेत गंगा में डूब गई है और अस्सी के सामने भी मिट्टी का दो तिहाई जमाव कट गया है। वहीं, भदैनी, जानकी घाट, केदार घाट, पंचगंगा घाट, ललिता घाट, मान सिंह, दरभंगा घाट की सीढि़यों तक पानी आ गया है। अगर गंगा इसी रफ्तार से बढ़ी तो अगले सप्ताह तक गंगा के घाटों का संपर्क टूट सकता है। घाटों पर खड़ी नावों और बजड़ों को पीछे खिसका लिया गया है।