जानकारी के अनुसार, मंगलवार को इंडिगो की बेंगलुरु से वाराणसी आने वाली उड़ान 6ई 6596 का निर्धारित समय शाम 5:45 बजे था। विमान करीब आधे घंटे की देरी से शाम 6:15 बजे वाराणसी के हवाई क्षेत्र में पहुंचा। उस समय वाराणसी में अचानक तेज आंधी और भारी बारिश शुरू हो गई थी। दृश्यता कम होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद विमान करीब 30 मिनट तक वाराणसी के आसमान में चक्कर लगाता रहा।
मौसम में कुछ सुधार होने के बाद शाम 6:45 बजे विमान ने एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। नियमानुसार इसी विमान को यात्रियों को लेकर उड़ान संख्या 6ई 6597 के रूप में वापस बेंगलुरु जाना था। हालांकि, लैंडिंग के बाद पायलट और क्रू मेंबर ने एफडीटीएल के तहत अपनी निर्धारित ड्यूटी अवधि पूरी होने का हवाला देते हुए आगे उड़ान भरने से इनकार कर दिया। इसके बाद वापसी उड़ान रद्द करनी पड़ी।
उड़ान रद्द होने के बाद विमान में सवार 167 यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा के विकल्प दिए गए। कुछ यात्रियों को इंडिगो की दूसरी बेंगलुरु जाने वाली उड़ान 6ई 499 से भेजा गया। वहीं, कुछ यात्रियों को मुंबई और हैदराबाद जाने वाली उड़ानों के माध्यम से बेंगलुरु भेजने की व्यवस्था की गई। अधिकांश यात्री वैकल्पिक उड़ानों से रवाना हो गए। कुछ यात्रियों ने अगले दिन यात्रा करने का विकल्प चुना, जबकि कुछ ने टिकट रद्द कर पूरा रिफंड लिया।
बुधवार को भी एयरपोर्ट पर यात्रियों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा। शारजाह से वाराणसी आने वाला एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान IX-184 ऑपरेशनल कारणों से करीब चार घंटे की देरी से सुबह 10:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचा। इसका निर्धारित आगमन समय सुबह 6:20 बजे था। विमान में शारजाह से 186 यात्री वाराणसी पहुंचे थे।
वाराणसी पहुंचने के बाद इसी विमान को दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। दिल्ली जाने के लिए 132 यात्री विमान में सवार हुए, लेकिन यात्रियों के सवार होने के बाद पायलट ने विमान को दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया। इससे विमान उड़ान नहीं भर सका और यात्री एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस प्रबंधन ने दिल्ली से वैकल्पिक पायलट को वाराणसी बुलाया। वैकल्पिक पायलट के एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आवश्यक प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद विमान ने दोपहर करीब एक बजे 132 यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
इस तरह लगातार दो दिनों तक खराब मौसम और संचालन संबंधी परिस्थितियों के कारण वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी हुई। मंगलवार को जहां खराब मौसम के कारण विमान को हवा में चक्कर लगाना पड़ा और एफडीटीएल के कारण वापसी उड़ान रद्द हुई, वहीं बुधवार को पायलट के उपलब्ध नहीं होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा। वैकल्पिक व्यवस्था के बाद दोनों मामलों में यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
क्या बोले एयरपोर्ट निदेशक
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि खराब मौसम के कारण बेंगलुरु से आने वाली इंडिगो की उड़ान में देरी हुई। इसके चलते पायलट की ड्यूटी अवधि पूरी हो गई। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था की गई है।