पुलिस लाइन पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरि एवं अन्य।
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कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच उत्तराखंड से सहारनपुर पहुंचकर महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने पुलिस लाइन में एसएसपी से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया को बयान देते हुए कहा कि मस्जिद टूटने से दिक्कत है तो पाकिस्तान-बांग्लादेश चले जाइए, रुपये हम दे देंगे। उत्तर प्रदेश में किसी की दादागिरी नहीं चलेगी। सभी को कानून का पालन करना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि कलक्ट्रेट में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चलने का आरोप था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद परिसर को सुरक्षित किया गया है। इस कार्रवाई पर उन्होंने पुलिस-प्रशासन की तारीफ की है। कार्रवाई किसी अधिकारी के निजी निर्णय से नहीं हुई, बल्कि मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को कार्रवाई पर आपत्ति है तो उसके लिए अदालत का रास्ता खुला है। संबंधित पक्ष हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। उन्होंने मस्जिद को वक्फ की जमीन बताए जाने के दावे पर भी सवाल उठाए हैं। यदि जमीन वक्फ की थी तो संबंधित पक्ष को अदालत में इसके दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए थे।
उन्होंने मलबे के नीचे निकले कुएं पर भी बयान दिया है। कहा कि कुएं का हिंदू समाज में धार्मिक महत्व माना जाता है। दावा है कि कुएं के ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया था और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने 1906 और 1909 जैसी तारीखों वाली ईंटों का जिक्र करते हुए कहा कि यह संभवतः ईंट-भट्ठे के ट्रेडमार्क से संबंधित हो सकती हैं।
बोले- एसएसपी ने किया बहादुरी का काम
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि कलक्ट्रेट अवैध गतिविधियों का अड्डा बन गया था। इसलिए कलक्ट्रेट की मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले में एसएसपी ने बहादुरी का काम किया है, हम उनकी सराहना करते हैं। जिला प्रशासन को भी बधाई देते हैं, कि उन्होंने हिंदू समाज के सम्मान को लौटाने का काम किया।
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