मानसून की वापसी के बाद मौसमी प्रणालियों में आने वाला बदलाव एकदम से ठंडक बढ़ा सकता है। मौसम प्रणालियों की वजह से हवाओं का रुख बदलेगा। इससे नमी बढ़ जाएगी। पश्चिमी विक्षोभ आने पहाड़ों पर बर्फबारी होगी। पश्चिमी हवाएं चलने पर गंगा के मैदानी इलाकों में ठंडी पहाड़ी हवाओं के ठिठुरन पैदा करने की संभावना है। मौसम विभाग मौसमी प्रणालियों के बदलाव का आकलन कर रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने इस बार जाड़े में सामान्य औसत से तापमान बढ़ा रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। लेकिन मौसम का मूड इसमें उलट-फेर कर सकता है। छह अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। इसका असर सीधे कानपुर परिक्षेत्र पर नहीं पड़ेगा। लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से हिमालय से होकर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी होने पर पश्चिमी हवाएं ठंडक लाएंगी।
उन्होंने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र में रात और सुबह का मौसम छह से 10 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे अधिक सुहावना होगा। गुलाबी ठंड वाली रातें 15 से 20 अक्टूबर के आसपास से शुरू होंगी। अक्टूबर हीट के कारण अभी उमस महसूस हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हल्के बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी से रात के तापमान में गिरावट आएगी। 15 अक्टूबर के बाद हवा की दिशा पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हो जाएगी। इससे रात का न्यूनतम तापमान तेजी से गिर सकता है।
तापमान
अधिकतम- 34 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 22 डिग्री सेल्सियस