मर्चेंट चेंबर सभागार मे श्री राम कथा कहतीं मंदाकिनी दीदी
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कानपुर में श्रीराम लीला सोसाइटी के बैनर तले आयोजित रामकथा के पांचवें दिन शनिवार को मंदाकिनी दीदी ने हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने की सीख दी। उन्होंने दुबई फ्लाइट में पायलट स्मित मच्छार के अदम्य साहस का उदाहरण दिया। स्मित ने को-पायलट के हमला करने पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए संघर्ष कर यात्रियों को बचाया।
यह घटना जेन जी और जेन अल्फा के लिए प्रेरक सिद्ध होगी। रामकथा का आयोजन मर्चेंट चैंबर हॉल में हो रहा है। जब बाल्यावस्था से ही नित्य पाठ का नियम का पालन होता है तब जाकर यह अभ्यास बनता है। आपत्ति काल में यह अभ्यास कारगर होता है। हनुमान जी की कृपा से ही विषम परिस्थिति में परहित का संकल्प दृढ़ रहा और शौर्य गुण प्रधान रहा है।