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Hathras Accident: बरात की बस के ऊपर बैठा चचेरा भाई, पेड़ की डाली से टकराकर हुई मौत, खुशियां मातम में तब्दील

Mon, 06 Jul 2026 02:39 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

बस एक पेड़ की बड़ी डाली से टकरा गई और अचानक रुक गई। बस का परिचालक छत पर चढ़कर बस की टूट-फूट का जायजा ले रहा था। तभी उसकी निगाह बस की छत पर बेहोश पड़े एक युवक पर पड़ी। वह युवक पेड़ की टहनी लगने से गंभीर रूप से घायल होकर छत पर ही गिर गया था। बाद में उसकी मौत हो गई।
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मृतक विकास - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सहपऊ क्षेत्र अंतर्गत 5 जुलाई देर रात गांव नगला बंजारा भाग खोंडा में एक विवाह समारोह में दुखद घटना घटित हुई। एटा जनपद के थाना मिरहची के गांव जयरामपुर निवासी गुलाब सिंह के पुत्र राजू की शादी ओमवीर की पुत्री से तय हुई थी। बारातियों को लेकर आ रही बस रास्ता भटक गई, जिससे बारात की खुशियां मातम में बदल गईं।

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5 जुलाई रात 10 और 11 बजे के बीच निजी वाहनों से आए बराती गांव नगला बंजारा पहुंच गए थे। सभी को बरात की बस आने का इंतजार था, क्योंकि बस रास्ता भटक गई थी। करीब रात 12 बजे बस रास्ते में पड़ने वाले गांव खोंडा के नजदीक नाले के पास पहुंची। वहां बस एक पेड़ की बड़ी डाली से टकरा गई और अचानक रुक गई। बस का परिचालक छत पर चढ़कर बस की टूट-फूट का जायजा ले रहा था। तभी उसकी निगाह बस की छत पर बेहोश पड़े एक युवक पर पड़ी। वह युवक पेड़ की टहनी लगने से गंभीर रूप से घायल होकर छत पर ही गिर गया था। परिचालक ने तुरंत बरातियों को इस बारे में सूचित किया। जब बरातियों ने घायल युवक को देखा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

मृतक की पहचान और दुर्घटना का विवरण
मृतक युवक की पहचान 21 वर्षीय विकास पुत्र रुस्तम सिंह के रूप में हुई। विकास दूल्हे राजू का चचेरा भाई था और बरात में शामिल होने आया था। वह यात्रा के दौरान बरात की बस की छत पर बैठा हुआ था। बस के पेड़ की डाली से टकराने पर उसे सिर में गंभीर चोटें आईं। इन चोटों के कारण वह छत पर ही बेहोश होकर गिर गया था। 
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गांव में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक विकास के शव को कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। गांव बंजारा में दूल्हे के चचेरे भाई की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बारात की खुशियां एकाएक मातम में बदल गईं और उत्सव का माहौल गमगीन हो गया। डीजे आदि को तुरंत बंद कर दिया गया।

गमगीन माहौल में हुआ विवाह
इस दुखद घटना के बावजूद विवाह की शेष रस्में पूरी की गईं। 6 जुलाई सुबह अत्यंत गमगीन और भारी माहौल में दूल्हा और दुल्हन के फेरे हुए। परिवार के सदस्य और गांव वाले इस अप्रत्याशित घटना से गहरे सदमे में थे। फेरे संपन्न होने के बाद दुल्हन की विदाई की रस्म निभाई गई। यह विदाई का क्षण सभी के लिए बहुत ही भावुक और दुखद रहा।

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