गहरौली (हमीरपुर)। पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। इसके बावजूद कस्बे के तीन प्रमुख तालाब खरेला निकास स्थित बड़ा तालाब, छोटी तलैया और मझाई तालाब की सफाई नहीं कराई गई है। तालाबों के घाट जलकुंभी व कचरे से पटे हैं। इन तालाबों के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूर्वजों को तर्पण देने के लिए जुटते हैं।
ग्रामीण योगेश द्विवेदी, विमल चंद्र और गुरुदेव ने बताया कि कई बार खंड विकास अधिकारी से तालाबों की सफाई कराने की मांग की गई। बीते साल तत्कालीन जिलाधिकारी घनश्याम मीना से भी घाटों के जीर्णोद्धार व जलकुंभी हटाने की गुहार लगाई गई थी लेकिन न घाट ठीक कराए गए और न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त हुई। मझाई तालाब के अधिकांश घाट क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीणों ने पितृपक्ष शुरू होने से पहले तालाबों से जलकुंभी-कचरा हटवाकर घाटों की सफाई की मांग की है। सहायक पंचायत विकास अधिकारी धर्मेंद्र पाल ने बताया कि गांव में सचिव की तैनाती नहीं है। डीपीआरओ सुबोध जोशी ने बताया कि सचिव तैनाती की फाइल जिलाधिकारी के पास भेजी जा चुकी है। सचिव के तैनात होते ही तालाबों की सफाई कराई जाएगी।